NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, RCC कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगावकर गिरफ्तार

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, RCC कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगावकर गिरफ्तार

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CBI takes major action in NEET UG 2026 paper leak case

नई दिल्ली। NEET UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक करने के मामले में सोमवार को सीबीआई ने एक और संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित का नाम शिवराज मोटेगांवकर है। सीबीआई मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार, शिवराज को शाम 4 बजे दिल्ली के विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

सीबीआई जल्द ही इस गिरफ्तारी की औपचारिक पुष्टि करने वाली है। यह गिरफ्तारी NEET-UG 2024 परीक्षा में हुई कथित पेपर लीक और बड़े फर्जीवाड़े की जांच का हिस्सा है। सीबीआई पूरे गैंग का पता लगाने के लिए लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियां कर रही है, जिससे देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

RCC कोचिंग संस्थान का है संस्थापक

NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले में सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर में आरसीसी (रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस) कोचिंग संस्थान के संस्थापक और डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने रविवार को लातूर स्थित उनके आवास पर सात घंटे की पूछताछ के बाद यह गिरफ्तारी की।

सबूतों को नष्ट करने की भी कोशिश

सर्च के दौरान उनके मोबाइल फोन में लीक हुआ NEET-UG 2026 प्रश्न पत्र बरामद हुआ, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, मोटेगावकर एक संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था। सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, आरोपित ने परीक्षा के बाद सबूत नष्ट करने की भी कोशिश की। NEET-UG परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसे पेपर लीक की शिकायतों के बाद 12 मई को रद कर दिया गया। री-एग्जाम 21 जून को प्रस्तावित है।

छात्र में प्यार से 'एम सर' के नाम से विख्यात शिवराज मोटेगावकर एक साधारण किसान परिवार से आता है। अपने करियर की शुरुआत में वह घर-घर साइकिल से जाकर ट्यूशन पढ़ाता था। बताया जा रहा है कि लातूर में किराये के एक छोटे से कमरे में सिर्फ 10 छात्रों को ट्यूशन पढ़ाकर उसने अपना काम शुरू किया था। 

साइकिल चलाकर पढ़ाता था ट्यूशन

वेबसाइइट पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, केमिस्ट्री विषय में एमएससी करने के बाद शिवराज ने बोर्ड और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को पढ़ाना शुरू किया। फिर करीब दो दशकों में रेणुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) को महाराष्ट्र के सबसे बड़े कोचिंग संस्थानों में से एक बना दिया।

100 करोड़ से ऊपर का टर्नओवर

आज आरसीसी के लातूर, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर, कोल्हापुर और अकोला सहित कई शहरों में केंद्र चल रहे हैं। हर साल 40,000 से अधिक छात्र यहां एडमिशन लेते हैं। फीस 50 हजार रुपये तक है। अंदाजा लगाया जा रहा है सीबीआई के हाथों गिरफ्तार किए गए कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर की कोचिंग का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ से ऊपर का है।

शिवराज मोटेगावकर एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बेहद скром तरीके से की थी। लातूर में एक किराए के छोटे कमरे में सिर्फ 10 छात्रों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। उस समय वह छात्रों के घर ट्यूशन देने साइकिल से जाते थे।केमिस्ट्री विषय में एम.एससी करने के बाद शिवराज ने बोर्ड और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को पढ़ाना शुरू किया। मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने करीब दो दशकों में रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) को महाराष्ट्र के सबसे बड़े कोचिंग संस्थानों में से एक बना दिया।आज RCC के लातूर, पुणे, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर, कोल्हापुर और अकोला सहित कई शहरों में केंद्र चल रहे हैं। हर साल 40,000 से अधिक छात्र यहां एडमिशन लेते हैं। फीस ₹50,000 तक है और संस्थान की सालाना कमाई करोड़ों रुपये में है।छात्र उन्हें प्यार से ‘एम सर’ के नाम से जानते हैं।