रांची जेल में महिला कैदी के गर्भवती होने का मामला: जिला प्रशासन की टीम ने की जांच, डालसा ने सौंपी अलग रिपोर्ट

रांची जेल में महिला कैदी के गर्भवती होने का मामला: जिला प्रशासन की टीम ने की जांच, डालसा ने सौंपी अलग रिपोर्ट

Case of Female Inmate Becoming Pregnant in Ranchi

Case of Female Inmate Becoming Pregnant in Ranchi

रांची। Case of Female Inmate Becoming Pregnant in Ranchi, रांची जेल में बंद एक महिला बंदी के गर्भवती होने के मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन की टीम बुधवार को जेल पहुंची। टीम ने महिला बंदी समेत कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन अब तक मामले से जुड़ा कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिल पाया है। 

जांच टीम ने कहा कि फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि महिला बंदी पहले गर्भवती थी या वर्तमान में गर्भवती है।

महिला बंदी और अन्य लोगों से पूछताछ

जांच टीम का नेतृत्व एडीएम राजेश्वर नाथ आलोक कर रहे हैं। तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार और बुधवार को जेल में विस्तृत जांच की। टीम के सदस्यों ने महिला बंदी से बातचीत करने के साथ-साथ जेल प्रशासन और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की। 

हालांकि जांच के दौरान ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया जिससे लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सके। टीम जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। 

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

डालसा ने अलग से सौंपी रिपोर्ट

इधर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की टीम ने भी मामले की अलग से जांच कर अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी है। प्रशासन अब दोनों रिपोर्टों का अध्ययन करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगा। 

सूत्रों के अनुसार महिला बंदी की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। 

अधिकारियों का कहना है कि उपायुक्त के निर्देश के बाद ही आगे की जांच प्रक्रिया शुरू होगी। पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद उपायुक्त स्तर से की जा रही है। प्रशासन इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।

जेल अधीक्षक ने आरोपी को बताया गलत

वहीं जेल अधीक्षक पहले की स्पष्ट कर चुके हैं कि जो भी आरोप लगाया गया है वह पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि जो भी आरोप लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और वे किसी भी प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं। 

मामले के सामने आने के बाद जेल प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों सतर्क हो गए हैं। अब सभी की नजर उपायुक्त के अगले आदेश और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।