उत्तराखंड दौरे से भाजपा ने दिए बड़े राजनीतिक संकेत, युवा और बूथ कार्यकर्ताओं पर खास फोकस
BJP's Uttarakhand tour sends major political signals
देहरादून। राजनीति में संकेतों के बड़े मायने हैं। प्रवास, संवाद और प्राथमिकताओं से राजनीति की दिशा समझी जाती है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का उत्तराखंड दौरा भी ऐसे ही राजनीतिक संकेतों और संदेशों से भरा हुआ है। गौर से देखें तो पता चलता है कि नितिन नवीन के प्रवास के केंद्र में तीन चेहरे हैं, युवा, बूथ और कार्यकर्ता।
भाजपा ने इस दौरे को जिस तरह रचा है, उसमें प्रतीकों के जरिये संदेश देने का हर संभव प्रयास किया गया है।
इसकी शुरूआत होती है, पारंपरिक परिधानों में स्वागत की तैयारी से। यह भाजपा की उस राजनीतिक कवायद का हिस्सा है, जिसमें उत्तराखंड की लोक-संस्कृति, सैन्य गौरव और देवभूमि की चेतना को राजनीतिक संवेदना से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
कार्यकर्ता प्रथम
डाकरा स्थित बूथ संख्या 141 के बूथ अध्यक्ष किशाेर कुमार के घर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के जलपान का कार्यक्रम रखा गया है। इस कदम के जरिये भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी अभी भी अपनी सबसे छोटी इकाई को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती है।
किसी वरिष्ठ नेता या मंत्री के बजाय बूथ अध्यक्ष के घर पहुंचकर राष्ट्रीय अध्यक्ष यह संदेश देंगे कि भाजपा की राजनीति का केंद्र आज भी कार्यकर्ता ही है। लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद पार्टी अपने कैडर आधारित ढांचे को ही सबसे मजबूत राजनीतिक आधार के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।
बूथ ही ताकत
दुर्गामल्ल मंडल की बूथ समिति के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का संवाद भाजपा की बूथ आधारित राजनीति को सशक्त करेगा। पार्टी इस प्रयास के जरिये यह संदेश देना चाहती है कि चुनाव की अंतिम लड़ाई बूथ पर ही तय होती है।
वही कार्यकर्ता सबसे महत्वपूर्ण है, जो गांव के रास्ते जानता है, मोहल्ले के मतदाता से सीधा संपर्क रखता है और मतदान के दिन सबसे पहले बूथ पर मौजूद रहता है। इसे भाजपा की माइक्रो पालिटिकल मैनेजमेंट का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें बूथ नेटवर्क को सक्रिय रखने पर जोर है।
युवाओं में भविष्य
मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम भाजपा की नई राजनीतिक प्राथमिकताओं का संकेत माना जा रहा है। पार्टी यह समझ रही है कि उत्तराखंड की राजनीति में युवा वर्ग आने वाले समय का निर्णायक चेहरा बनने जा रहा है।
रोजगार, पलायन, शिक्षा और अवसर जैसे मुद्दों के बीच भाजपा युवाओं को राजनीतिक संवाद का सहभागी बनाना चाहती है। यही वजह है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम में युवाओं को अलग से केंद्र में रखा गया है।