स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का लाभ आम जनता तक पहुंचे: योगी आदित्यनाथ
Benefits of Improved Healthcare
Yogi Adityanath ने मंगलवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर बनाई जाए।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदेश को प्रशिक्षित चिकित्सक, विशेषज्ञ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध कराना है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर मानव संसाधन और प्रभावी प्रबंधन से सशक्त बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि Uttar Pradesh में वर्तमान में 108 जनपदीय चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 3757 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं।
सरकार के अनुसार वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी सेवाएं और 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं प्रदान की गईं, जबकि 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2016-17 की तुलना में 2025-26 तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है, जो लगभग 88.6 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी अवधि में पीजी सीटों की संख्या 1344 से बढ़कर 5067 हो गई, जबकि एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12,800 तक पहुंच गई हैं। सुपर स्पेशियलिटी सीटों में भी लगभग 165 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 75 जिलों में डायलिसिस सेवाएं और 74 जिलों में सीटी स्कैन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।