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सोनीपत एसडीएम कार्यालय में सभागार व तहसीलदार का कोर्ट रूम बनेगा

उपायुक्त ने जांच दौरे में सर्विस बुक, लाल किताब व रिकॉर्ड रूम की पड़ताल की

गन्नौर/सोनीपत। उपायुक्त डा. अंशज सिंह का पुलिस थानों सहित लघु सचिवालय व अन्य कार्यालयों का निरीक्षण दौरा एसडीएम कार्यालय को सभागार की सौगात दे गया। साथ ही उन्होंने तहसीलदार/नायब तहसीलदार की मांग पर उनके लिए कोर्ट रूम का तोहफा भी दिया। इसके लिए उन्होंने निरीक्षण के दौरान मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लघु सचिवालय में सभागार व कोर्ट रूम का निर्माण किया जाए। उपायुक्त के दौरे ने सौगात के साथ सुधार की मजबूत नींव रखी।

उपायुक्त डा. अंशज सिंह बुधवार को गन्नौर उपमंडल का निरीक्षण कर रहे थे। निरीक्षण की शुरुआत उन्होंने एचएसआई आईडीसी बड़ी (औद्योगिक क्षेत्र) स्थित पुलिस थाना से की, जबकि समापन पुलिस थाना गन्नौर से किया। पुलिस थाना बड़ी में उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर से लेकर हर प्रकार के रिकॉर्ड की जांच की। पुलिस का आम जनमानस के साथ बर्ताव की पड़ताल करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। इसके बाद वे लघु सचिवालय गन्नौर में पहुंचे, जहां उन्होंने सरल केंद्र की जांच की। सरल केंद्र में विभिन्न सेवाओं का जायजा लिया। आधार कार्ड बनाने की विंडो पर जाकर उन्होंने लोगों से सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित सेवाओं के लिए दिए जाने वाले टोकन नंबर सही प्रकार से डिस्पले किये जायें, ताकि लोगों को कोई असुविधा न हो।

तदोपरांत उपायुक्त ने पूरे लघु सचिवालय का दौरा करते हुए विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से एसडीएम कार्यालय व तहसील के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं की समीक्षा की। एसडीएम कार्यालय के ऐच्छिक अनुदान रजिस्टर, स्टांप रिफंड, स्टॉक रजिस्टर, सर्विस स्टांप रजिस्टर, बजट, सर्विस बुक, एचआरएमएएस पोर्टल पर कर्मचारियों का ब्यौरा, कैश बुक, आम्र्स लाईसेंस की स्थिति, लंबित जांच, लंबित कार्य, लाईब्रेरी, जमाबंदी, इंतकाल, यमुना नदी के पिल्लर व सब-पिल्लर का सर्वे कार्य, लैंड रेवेन्यू रजिस्टर, वसूली, निशानदेही रजिस्टर और लाल किताब की पूर्ण गंभीरता से जांच की। उन्होंने रिकॉर्ड रूम की विशेष रूप से पड़ताल की।

उपायुक्त डा. अंशज सिंह ने पुरानी तहसील का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने रिकॉर्ड रूम को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही बिल्डिंग की मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने रजिस्ट्रियों की भी पड़ताल करते हुए आबियाना की वसूली के विशेष निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर मौजूद गन्नौर के एसडीएम स्वप्निल रविंद्र पाटिल तथा खरखौदा की एसडीएम श्वेता सुहाग को निर्देश दिए कि उन्हें भी निरीक्षण कार्य अवश्य करना चाहिए। उन्होंने सभी उपमंडलों के एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ विभागों व तहसील तथा पुलिस थानों का नियमित रूप से निरीक्षण करें।

इस मौके पर एसडीएम स्वप्निल रविंद्र पाटिल, एसडीएम श्वेता सुहाग, तहसीलदार रविंद्र हुड्डा, बीडीपीओ जितेंद्र कुमार, मार्केट कमेटी के सचिव राजेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार राजबीर सिंह, एसएचओ बदन सिंह, अधीक्षक उदय सिंह आदि मौजूद थे।

ए-कैटेगरी के लाईसेंसधारकों की जांच के निर्देश

उपायुक्त डा. अंशज सिंह ने नई अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी का निरीक्षण करते हुए ए-कैटेगरी के लाईसेंसधारकों की जांच का जिम्मा एसडीएम को सौंपा। जांच की जाए कि लाईसेंधारकों के अलावा कोई और मील तो नहीं चल रही। उन्होंने कमेटी के तहत आने वाले खरीद केंद्रों व सब-यार्ड की भी पूर्ण समीक्षा की। सभी रजिस्टर मंगवाकर सभी कार्यों की गंभीरता से जांच की। शिकायत रजिस्टर नहीं मिलने पर आपत्ति जताते हुए तुरंत प्रभाव से लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकानों व प्लाटों के आवंटन की भी समीक्षा की। साथ ही उन्होंने कमेटी सचिव व अन्य कर्मियों के लिए आवास सुविधा की भी पड़ताल की। उन्होंने निर्देश दिए कि आवास बनवाये जायें, जिसके लिए प्रक्रिया की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित करें।

बीडीपीओ कार्यालय में कैशबुक नहीं मिली संतोषजनक

उपायुक्त डा. अंशज सिंह ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय (बीडीपीओ) के निरीक्षण के दौरान कैशबुक जांचने के दौरान असंंतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिए कि कैशबुक को सही प्रकार से अपडेट किया जाए। डिस्पैच रजिस्टर में भी बीच में पृष्ठ रिक्त मिलने पर उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी रजिस्टर अपेडट किये जायें। विभिन्न योजनाओं के रजिस्टर लगायें। विशेष रूप से आबियाना रजिस्टर को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। स्टॉक रजिस्टर को भी सही करने के निर्देश देते हुए उन्होंने ग्राम सभाओं के प्रोपर्टी रजिस्टरों की भी जानकारी ली। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि वे ग्राम सभाओं के प्रोपर्टी रजिस्टरों की जांच करें। साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायतों को मिलने वाली अनुदान राशि का निर्धारित हिस्सा बीडीपीओ कार्यालय में जमा करवाने की भी रिपोर्ट तलब की।
उन्होंने कहा कि अनुदान प्रतिशत जमा न करने वाले सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने इस दौरान एक जे.ई. के अवकाश के संदर्भ में बीडीपीओ कार्यालय को सूचित न किये जाने पर तीखी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर नियमों की उल्लंघना है। इस मामले में उन्होंने संबंधित एक्सईएन से जवाब तलब करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने एचआरएमएस, पंचायतों का निरीक्षण कार्य, आवास, कर्मचारियों की मांग आदि की भी जांच की।

हथियारों के लाईसेंस रिन्यू न करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई

गन्नौर। उपायुक्त डा. अंशज सिंह ने गन्नौर पुलिस थाने का निरीक्षण करते हुए हथियार लाईसेंसों की रिपोर्ट ली। उन्होंने एसएचओ को निर्देश दिए कि जिन लाईसेंसधारकों की वैध समयसीमा समाप्त हुए एक वर्ष हो चुका है उनकी सूची प्रेषित की जाए। ऐसे लाईसेंसधारकों को नोटिस देकर मामला दर्ज किया जाए। साथ ही उनके लाईसेंस रद्द किये जायेेंगे। उन्होंने अपराधियों के रिकॉर्ड की भी गंभीरता से पड़ताल करते हुए बेल जंपरों व पैरोल जंपरों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित थाना क्षेत्र में चोरियों की घटनाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि हर प्रकार की आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाये जायें। विभिन्न प्रकार के मामलों की जांच करते हुए उन्होंने विशेष रूप से एफआईआर रद्द करने के मामलों की पड़ताल की।

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