Bengal BJP New CM: खुद अमित शाह चुनेंगे बंगाल का नया CM; पर्यवेक्षक बनाए गए, 9 मई को BJP सरकार का शपथ समारोह

खुद अमित शाह चुनेंगे बंगाल का नया CM; पर्यवेक्षक बनाए गए, 9 मई को BJP सरकार का शपथ समारोह, हाईकमान सीधे निगरानी कर रहा

Amit Shah Observer For Bengal New CM Final News Latest Update

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Bengal BJP New CM: बीजेपी ने पहली बार पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत हासिल की है और अपनी सरकार बनाने जा रही है। बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल की जीत कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि खुद अमित शाह बंगाल के नए CM का चुनाव करने जा रहे हैं। दरअसल गृह मंत्री अमित शाह को बंगाल में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। मसलन बंगाल के नए CM को चुनने के लिए हाईकमान सीधे शामिल है और निगरानी कर रहा है। अमित शाह के साथ ओडिशा सरकार के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

बंगाल के नए CM पर शाह की अंतिम मुहर

अमित शाह का बंगाल में खुद पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल होना ये समझ आता है की पार्टी बंगाल में सीएम फेस के फैसले को बहुत गंभीरता और सजगता से ले रही है। इसीलिए खुद अमित शाह बंगाल जाकर विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे और मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगवाएंगे और लगाएंगे। अमित शाह पहली बार किसी राज्य में पर्यवेक्षक बनाकर मुख्यमंत्री चुनने जा रहे हैं। यहां यह ज्ञात रहे कि अमित शाह ही 'बंगाल जीत' के असली चाणक्य हैं, जिनकी रणनीति ने बंगाल में ममता के तिलिस्म को तोड़ दिया।

Bengal BJP New CM

9 मई को BJP सरकार का शपथ समारोह

बीजेपी ने बंगाल में सरकार गठन की तैयारी ज़ोरों-शोरों से शुरू कर दी है। बीजेपी के बंगाल प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने जानकारी दी है कि 9 मई को BJP सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल रहेंगे। खुद पीएम मोदी ने यह ऐलान किया था कि वह बीजेपी की जीत के बाद बंगाल में सरकार के शपथ ग्रहण का उत्सव लोगों के साथ मिलकर मनाएंगे। पीएम मोदी के अलावा राजनाथ सिंह समेत अन्य कई केंद्रीय मंत्री और बीजेपी-एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री और अन्य कई वरिष्ठ नेता बीजेपी की इस एतिहासिक जीत का हिस्सा बनेंगे।

कौन बनेगा बंगाल का नया CM?

अब तक बंगाल के नए CM को लेकर सस्पेंस बरकरार है। आखिर बंगाल का अगला CM कौन बनेगा? इस पर स्थिति अभी तक साफ नहीं है। लेकिन सीएम की रेस में कुछ नाम चर्चा में जरूर हैं। जिनमें सबसे आगे और सबसे मजबूती से ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी का नाम सामने आ रहा है। शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं। वहीं बंगाल CM के तौर पर शुभेंदु अधिकारी के अलावा समिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और रूपा गांगुली का नाम भी चर्चा में है।

अगर कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ या कोई महिला मुख्यमंत्री नहीं बनी तो शुभेंदु अधिकारी बंगाल के अगले CM हो सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि बीजेपी बंगाल के जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण को साधते हुए एक CM के साथ दो डिप्टी CM भी दे सकती हैं। नारी वंदन और महिला शक्ति की झलक दिखाते हुए किसी महिला नेता को भी बड़ा पद देने के कयास हैं। जिससे ममता बनर्जी की भी काट हो सके। फिलहाल बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पश्चिम बंगाल की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

बंगाल में 206 सीटों पर बीजेपी की जीत

बंगाल में बीजेपी की सिर्फ जीत नहीं हुई है बल्कि सुनामी आई है। पार्टी ने 206 सीटों पर जीत हासिल की है। जबकि TMC को 80 सीटों पर सिमटकर संतोष करना पड़ा। बता दें कि बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए पश्चिम बंगाल में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है। इस बार बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न कराया गया था। पहले चरण में 23 अप्रैल को 294 विधानसभा सीटों में से 152 सीटों पर मतदान कराया गया। वहीं दूसरे चरण में बाकी 142 सीटों पर वोटिंग कराई गई। दोनों ही चरणों में बंगाल के इतिहास के में रिकॉर्ड 90% से ज्यादा वोटिंग हुई थी। इस बंपर वोटिंग को देख बीजेपी अपने लिए फायदा पहुंचने की उम्मीद कर रही थी और इसमें अपनी जीत देख रही थी।

2021 के चुनाव में BJP को 77 सीटें मिलीं

गौरतलब है कि 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC ने तीसरी बार सत्ता हासिल की थी। यानि बंगाल में 2011 से 2021, तीसरी बार लगातार ममता की सरकार बनी थी। वहीं इस चुनाव में बीजेपी ने 77 सीटें जीतकर एक नया रिकॉर्ड भी बनाया था। बीजेपी ने एक लंबी छलांग मारी थी। क्योंकि इससे पहले 2016 के चुनाव में बीजेपी बंगाल में 3 सीटें जीत पाई थी। जबकि इससे पहले 2011 में बीजेपी 0 थी। आपको यह भी बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में विपक्ष के लिए 100 सीटों का आंकड़ा पार करना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। ये सिलसिला अबकी फिर से बरकरार रहा।