नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बनेगा आकासा एयर का पहला MRO केंद्र, यूपी बनेगा एविएशन हब

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बनेगा आकासा एयर का पहला MRO केंद्र, यूपी बनेगा एविएशन हब

Akasa Air First MRO Center to be Built at Noida International Airport

Akasa Air's First MRO Center to be Built at Noida International Airport

लखनऊ। Akasa Air's First MRO Center to be Built at Noida International Airport, उत्तर प्रदेश अब केवल देश का हृदय स्थल ही नहीं, बल्कि प्रमुख निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में वैश्विक मानचित्र पर चमक रहा है। इसी कड़ी में, जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और देश की सबसे तेजी से बढ़ती एयरलाइन आकासा एयर के बीच एक ऐतिहासिक रणनीतिक साझेदारी हुई है। इस समझौते के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में आकासा एयर की पहली मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) सुविधा स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश-प्रोत्साहन नीतियों और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास ने वैश्विक कंपनियों का भरोसा उत्तर प्रदेश पर और मजबूत किया है।

कुशल संचालन: लागत और समय में आएगी बड़ी कमी

यह अत्याधुनिक एमआरओ केंद्र विमान रखरखाव, मरम्मत और तकनीकी सेवाओं का एक व्यापक नेटवर्क तैयार करेगा, जो भारत के एविएशन सेक्टर को नई मजबूती प्रदान करेगा। इस साझेदारी से विमान कंपनियों को देश के भीतर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की मेंटेनेंस सेवाएं उपलब्ध होंगी। वर्तमान में कई तकनीकी सेवाओं के लिए विदेशों पर निर्भरता बनी रहती है, लेकिन नोएडा एयरपोर्ट पर इस सुविधा के शुरू होने से परिचालन लागत (Operating Cost) और समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह कदम उत्तर प्रदेश को एविएशन मेंटेनेंस और तकनीकी सेवाओं का प्रमुख वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

आर्थिक विकास: रोजगार और कौशल विकास को मिलेगी नई रफ्तार

नोएडा एयरपोर्ट पर एमआरओ सुविधा की स्थापना से केवल विमानों की मरम्मत ही नहीं होगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी एक बड़ा बूस्ट मिलेगा। इस परियोजना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उच्च-तकनीकी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को एविएशन टेक्नोलॉजी और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) प्राप्त करने का मौका मिलेगा। यह पहल औद्योगिक विकास को गति देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के युवाओं को हाई-टेक इंडस्ट्री का हिस्सा बनाने के सरकार के संकल्प को पूरा करेगी।

विज़न 2047: आत्मनिर्भर भारत और यूपी का एविएशन हब

यह साझेदारी भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के उस साझा विजन के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के प्रमुख एमआरओ हब के रूप में विकसित करना है। इससे भारत की विमानन सेवाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में देश की स्थिति मजबूत होगी। एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन और आकासा एयर के संस्थापक विनय दुबे ने इस सहयोग को भारत के बढ़ते एविएशन बाजार की मजबूती के लिए अनिवार्य बताया है। यह प्रोजेक्ट न केवल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम है, बल्कि उत्तर प्रदेश को लॉजिस्टिक्स और एविएशन के नए ग्लोबल हब के रूप में स्थापित करने का दस्तावेज भी है।