देहरादून: मोहब्बेवाला का 'खतरे वाला ढलान'; 3 साल में 20 हादसे, प्रशासन के सुरक्षा दावे अब भी फाइलों में कैद

देहरादून: मोहब्बेवाला का 'खतरे वाला ढलान'; 3 साल में 20 हादसे, प्रशासन के सुरक्षा दावे अब भी फाइलों में कैद

Administration Safety Claims Still Confined to Files

Dehradun: Mohabbewala's 'Perilous Slope'—20 Accidents in 3 Years

Dehradun: Mohabbewala's 'Perilous Slope'—20 Accidents in 3 Years, मोहब्बेवाला क्षेत्र का खूनी ढाल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद यहां सुरक्षा सुधार के दावे केवल फाइलों तक सीमित नजर आ रहे हैं।

जमीनी हकीकत यह है कि यह ढलान आज भी राहगीरों और वाहन चालकों के लिए ‘खतरे का ढलान’ बना हुआ है।

लगातार बढ़ रहे हादसों के चलते प्रशासन और संबंधित विभागों ने इस समस्या को लेकर कई बार योजनाएं तैयार कीं, जोकि फाइलों तक सीमित रह गईं।

पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पिछले दिनों संयुक्त निरीक्षण किया। टीम ने सुझाव दिया कि ढलान पर पारंपरिक स्पीड ब्रेकर के बजाय रंबल स्ट्रिप्स लगाई जाए।

अधिकारियों के मुताबिक ढलान अधिक होने के कारण स्पीड ब्रेकर से वाहन उछलकर अनियंत्रित हो सकते हैं, जबकि रंबल स्ट्रिप्स चालकों को सतर्क कर गति कम करने पर मजबूर करेंगी।

इसके अलावा चंद्रबनी से मोहब्बेवाला के बीच उन अवैध कट्स को बंद कर डिवाइडर लगाए जाएंगे, जहां से अचानक वाहन आने के कारण अक्सर टकराव होता है।

संयुक्त टीम ने सड़क सुरक्षा के लिए केवल इंजीनियरिंग ही नहीं, बल्कि इस मार्ग को बाधा मुक्त बनाने पर भी जोर दिया।

ढलाव से दृश्यता प्रभावित करने वाली कुछ दुकानों का अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम व खराब स्ट्रीट लाइट ठीक करने के लिए एमडीडीए को लिखा गया है।

टीम की ओर से सुधार के लिए जो भी बिंदु रखे गए हैं, वह अब तक जमीन पर नहीं उतर पाए। लिहाजा ढलान पर हादसों का सिलसिला लगातार जारी है।

ढलान की बनावट व मोड खतरनाक

हादसों को लेकर यातायात पुलिस ने कुछ वाहन चालकों के बयान दर्ज किए हैं। वाहन चालकों का कहना है कि ढलान की बनावट और हल्का मोड बेहद खतरनाक हैं।

आशारोड़ी से वाहन तेज रफ्तार से आते हैं और अचानक ढलान आने पर वाहन पर नियंत्रण नहीं रहता।

इसके साथ ही आगे दो कट्स भी हैं, जहां पर स्कूटी व कार चालक यू-टर्न लेते हैं। लोडिंग वाहनों में एकदम ब्रेक न लगने के कारण वाहन अनियंत्रित हो जाता है।

तीन साल में 20 हादसे, 28 लोग घायल

आशारोड़ी-मोहब्बेवाला मार्ग पर हादसों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले तीन वर्षों में यहां 20 बड़े हादसे दर्ज किए गए। जिनमें तीन लोगों की मौत हुई और 28 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

पिछले दो माह में छह ट्रक पलटे हैं। एक सप्ताह के अंदर ही ट्रक हादसे के दो मामले सामने आए हैं।

मोहब्बेवाला में हो रहे लगातार हादसों को देखते हुए जिलाधिकारी से पत्राचार किया गया है। हादसे वाली जगह पर सुरक्षा के उचित कदम उठाने को कहा गया है। वाहन चालकों को भी ढलान वाली जगह पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी, ताकि हादसों से बचा जा सके।
- प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक