फिल्म 'विवाह' जैसी हकीकत: शादी से पहले झुलसी श्वेता का अस्पताल के बेड पर विकास ने भरा सिंदूर, भावुक हुआ स्टाफ

फिल्म 'विवाह' जैसी हकीकत: शादी से पहले झुलसी श्वेता का अस्पताल के बेड पर विकास ने भरा सिंदूर, भावुक हुआ स्टाफ

A Reality Like the Film Vivah: Vikas Applies Vermilion to Shweta

घाटमपुर(कानपुर)। यह खबर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। शाहिद कपूर और अमृता राव की फिल्म 'विवाह' का वो क्लाइमेक्स जब हकीकत बनकर कानपुर के अस्पताल में उतरा तो हर इंसान की आंखें छलक उठीं। फूलों से सजा अस्पताल का बेड, सिर पर लाल चूनर डाले हास्पिटल गाउन में भर्ती दुल्हन और उसकी मांग भरता दूल्हा यह दृश्य फिल्म विवाह की याद दिला गया।

यह दृश्य है कानपुर के प्राइवेट अस्पताल का है। शादी से एक दिन पहले आग में झुलसी दुल्हन से दूल्हे ने अस्पताल में ही विवाह रचाया। इस दृश्य को देख रहे डाक्टर, नर्स, अस्पताल स्टाफ और दोनों परिवारों के लोगों की आंखे नम हो गईं।

real life vivah movie scene in kanpur

13 को हुआ हादसा, 14 मई को आनी थी बरात

जगन्नाथपुर गांव निवासी जगदीश की 22 वर्षीय बेटी स्वेता की शादी कानपुर के तात्याटोपे नगर निवासी विकास से तय हुई थी। 14 मई को बारात आनी थी। एक दिन पहले 13 मई को घर पर हल्दी कार्यक्रम के दौरान सिलिंडर में लीकेज होने से पाइप में आग लग गई। आग बुझाने की कोशिश में तेल की कढ़ाई पलट गई। इससे आसपास आग और फैल गई वहीं, गर्म तेल की चपेट में भी लोग आ गए। दमकल ने पहुंचकर आग पर काबू पाया था। हादसे में स्वेता, उनके पिता जगदीश समेत कुल 12 लोग झुलस गए। सभी को घाटमपुर सीएचसी से कानपुर उर्सुला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद घायल विभिन्न अस्पतालों में चले गए।

जाजमऊ में भर्ती है स्वेता, वहीं पर हुआ विवाह

श्वेता की हालत गंभीर होने पर स्वजन उसे जाजमऊ स्थित मिशिका अस्पताल ले गए। वहीं, पर उसका उपचार चल रहा है। घटना के बाद 14 मई को दूल्हा विकास सिंह भी अपने स्वजन के साथ सबका हालचाल लेने पहुंचा। उसने कहा कि तय तारीख पर ही वह विवाह करना चाहना है। विकास के इच्छा पर स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन से बात की। अनुमति मिलने के बाद तैयारियां की गईं। स्टाफ व नर्स ने वार्ड को फूलों से सजाया। इसके बाद विकास ने अस्पताल के बेड पर भर्ती श्वेता की मांग पर सिंदूर भरा और केक काटा। इस दौरान सभी की आंखें नम रहीं।

विकास बोला -स्वेता मेरी पत्नी, हरदम साथ निभाउंगा

विकास सिंह ने बताया कि स्वेता उनकी उसी दिन से पत्नी हो गई थी, जिस दिन रिश्ता तय हो गया था। अस्पताल में उसे औपचारिक रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा उसका साथ निभाएंगे। वहीं, अस्पताल प्रबंधन के अनुसार स्वेता की तबियत सुधर रही है। जल्द ही उसे छुट्टी मिल सकती है। स्वेता के पिता जगदीश व भाई अभिषेक ने बताया कि हादसे में झुलसे ज्यादातर लोग अभी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। सभी की छुट्टी होने के बाद धूमधाम से कार्यक्रम किया जाएगा।