हिमाचल में 'सीबीएसई कैडर' पर कानूनी ब्रेक? हाईकोर्ट ने सरकार से माँगा जवाब, शिक्षक संगठनों की बड़ी जीत

हिमाचल में 'सीबीएसई कैडर' पर कानूनी ब्रेक? हाईकोर्ट ने सरकार से माँगा जवाब, शिक्षक संगठनों की बड़ी जीत

A legal break on the CBSE cadre in Himachal

A legal break on the CBSE cadre in Himachal

शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने तथा इसके लिए अलग शिक्षक कैडर और चयन परीक्षा लागू करने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर दायर याचिका पर आज उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

इस मामले में ‘ज्वाइंट टीचर्स फेडरेशन’ की ओर से याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं में जॉइंट टीचर्स फ्रंट ऑफ हिमाचल प्रदेश एवं अन्य शामिल हैं।

शिक्षक संगठनों ने याचिका में दिए तर्क

याचिका में शिक्षक संगठनों ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए तर्क दिया है कि स्कूलों को अलग व्यवस्था में ले जाने से शिक्षा प्रणाली में विभाजन की स्थिति उत्पन्न होगी। उनका कहना है कि इससे मौजूदा शिक्षकों की वरिष्ठता और पदोन्नति प्रभावित हो सकती है। साथ ही, पहले से कार्यरत शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाना भी उचित नहीं है।

145 स्कूल किए हैं सीबीएसई संबद्ध

हिमाचल प्रदेश सरकार ने 145 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई संबद्ध किया है। इन स्कूलों में अप्रैल से शुरू होने वाले सत्र में सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अलग से शिक्षक कैडर बनाया जा रहा है, इसके लिए परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा का कई शिक्षक संगठन विरोध कर रहे हैं। 

इस बीच अब मामला हाई कोर्ट में पहुंच गया है। राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर हाई कोर्ट में अपना जवाब दायर करेगी। अब सरकार के जवाब के बाद हाई कोर्ट के निर्णय पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।