लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर: सिरमौर में 'शरली' बनी चौथी निर्विरोध पंचायत, भाईचारे की मिसाल पेश

लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर: सिरमौर में 'शरली' बनी चौथी निर्विरोध पंचायत, भाईचारे की मिसाल पेश

A Beautiful Portrait of Democracy

A Beautiful Portrait of Democracy

नाहन। A Beautiful Portrait of Democracy, हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव के नामांकन प्रक्रिया से पहले जिला सिरमौर में निर्विरोध एवं सहमति से पंचायतों के चुने जाने का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार शाम को जिला सिरमौर में चौथी पंचायत भी सर्वसम्मति तथा निर्विरोध चुनी गई। इससे पहले शिलाई विधानसभा क्षेत्र की टटियाना, पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की दाड़ो देवरिया व शीना और अब कफोटा उपमंडल की शरली पंचायत निर्विरोध चुन ली गई है।

इसके साथ-साथ पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) को भी सर्वसम्मति से चुन लिया गया है। शरली पंचायत के वरिष्ठ सदस्य और नवनियुक्त उपप्रधान विनोद कुमार ने बताया कि शुक्रवार को शिरगुल महाराज के पावन प्रांगण में पूरी पंचायत का पैनल सर्वसम्मति से चुन लिया गया।  

इन्हें चुना निर्विरोध

इसमें पंचायत प्रधान विद्या देवी पत्नी ग्यारु राम, उपप्रधान विनोद कुमार पुत्र संत राम, पंचायत वार्ड सदस्य कौशल्या देवी कमलाईक, नागचन्द सबाईक,  विजय कुमार लोहार, तारा देवी चुआईक और कमला देवी मिजाईक चुने गए। इसके साथ-साथ पंचायत समिति सदस्य पिंकी देवी पत्नी सुशील कुमार को भी सर्वसम्मति से चुन लिया गया। 

आपसी प्रेम और भाईचारे के लिए निर्विरोध चयन

कुंदन शास्त्री ने बताया कि शरली पंचायत का निर्विरोध चुनाव इसलिए किया गया है, ताकि गांव में आपसी प्रेम और भाईचारा बना रहे। किसी प्रकार के विवाद पैदा ना हो। साथ ही अपने गांव शरली को एक आदर्श गांव बनाने का मार्ग प्रशस्त हो सके। यही हम सभी ग्रामवासियों का संकल्प है। सर्वसम्मति से हुए इस निर्वाचन के बाद गांव में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को बधाई दी और इसे पंचायत की एकजुटता का प्रतीक बताया।

क्या कहते हैं ग्रामीण

पंचायतवासियों ने यह भी कहा कि शिरगुल महाराज की कृपा और गांव के बुजुर्गों की सलाह से यह ऐतिहासिक निर्णय संभव हो पाया। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यह पहल अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायक साबित होगी, जहां चुनावी प्रतिस्पर्धा के बजाय सर्वसम्मति और विकास को प्राथमिकता दी जा सके।