Youth is not interested in becoming a teacher, despite the increase in the post in REET, 9 lakh applications have decreased
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Youth is not interested in becoming a teacher, despite the increase in the post in REET, 9 lakh appl

टीचर बनने में नहीं युवाओं का इंटरेस्ट, रीट में पद बढऩे के बावजूद 9 लाख आवेदन घटे 

जयपुर। राजस्थान में सरकारी स्कूल में टीचर बनने के लिए युवाओं का रुझान अब कम होने लगा है। प्रदेश में पिछली बार जहां रीट के 31,000 पदों के लिए 25 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। वहीं, इस बार पदों की संख्या बढ़ाकर 46, 500 करने के बावजूद उम्मीदवारों की संख्या घटकर 16 लाख पर पहुंच गई है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने एक बार फिर आवेदन की तारीख को 5 जून तक आगे बढ़ा दिया है। वहीं, शिक्षाविद लेवल-1 में बीएसटीसी और बीएड उम्मीदवारों के विवाद को उम्मीदवारों की कम होती संख्या का प्रमुख कारण बता रहे है।

दरअसल, राजस्थान में रीट लेवल-1 विवाद के बाद बीएसटीसी और बीएड उम्मीदवारों सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। जहां सुप्रीम कोर्ट ने रीट लेवल-1 में सिर्फ बीएसटीसी उम्मीदवारों को ही योग्य माना था। ऐसे में इस बार लेवल-1 में सिर्फ बीएसटीसी उम्मीदवार ही आवेदन कर सकते थे। जबकि पिछली बार बीएसटीसी और बीएड दोनों के उम्मीदवारों लेवल-1 में आवेदन कर सकते थे। इसके वजह से लेवल-1 में 12 लाख 67 हजार 983 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। वहीं, इस बार लेवल-1 में सिर्फ 3 लाख 86 हजार 508 उम्मीदवारों ने ही आवेदन किया है। जिसकी वजह से आवेदनों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है।

रीट लेवल-1 के लिए पिछली बार के मुकाबले इस बार जहां लगभग 9 लाख उम्मीदवारों ने कम आवेदन किया है। वहीं लेवल-2 में इस बार भी उम्मीदवारों की भरमार देखने को मिली है पिछले साल जहां 31,000 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया में लेवल-2 में 12 लाख 67 हजार 539 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। वहीं इस बार भी 12 लाख 57 हजार 738 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। जो पिछली बार के मुकाबले सिर्फ दस हजार ही कम है।
 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर

शिक्षाविद जयंतीलाल खंडेलवाल ने बताया कि लेवल-1 पिछली बार बीएड अभ्यर्थियों ने भी आवेदन किया था। ऐसे में आवेदन की संख्या बढ़कर 12 लाख को पार कर गई थी। लेकिन इस बार शुरुआत से ही कोर्ट ने लेवल-1 में बीएड उम्मीदवारों के आवेदन पर रोक लगा रखी थी। जिसकी वजह से सिर्फ बीएसटीसी उम्मीदवार ही लेवल-1 की भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सके हैं। यही कारण है कि इस बार लेवल-1 के आवेदन में बड़ी गिरावट हुई है।

वहीं राजस्थान में रीट भर्ती परीक्षा देने वाले उम्मीदवार अंकुश शर्मा ने बताया कि 8 महीने का वक्त बीत चुका है। लेकिन सरकार की लालफीताशाही की वजह से अब तक पूरी नहीं हुई है। वहीं लेवल-2 की भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया है। ऐसे में छात्रों का सरकार पर से विश्वास उठ गया है।

जानिए क्या है लेवल-1 और लेवल-2

राजस्थान में ग्रेड थर्ड टीचर्स के लिए लेवल-1 और लेवल-2 दो अलग-अलग परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें लेवल-1 की परीक्षा में सिर्फ बीएसटीसी किए हुए उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। इन्हें कक्षा 1 से 5वीं क्लास तक पढ़ाने का मौका मिलेगा। वहीं, लेवल-2 की परीक्षा के लिए सिर्फ बीएड डिग्रीधारी उम्मीदवार ही आवेदन कर सकेंगे। इन्हें कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को पढऩे का मौका मिलेगा। लेवल-1 और लेवल-2 दोनों ही परीक्षा के पेपर अलग अलग परियों में आयोजित किए जाएंगे।

लाइफटाइम रहेगी वैलिडिटी

राजस्थान में रीट प्रमाण पत्र की वैलिडिटी पहले सिर्फ 3 साल की रहती थी। लेकिन कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार ने वैलिडिटी को बढ़ाकर लाइफटाइम कर दिया है। ऐसे में थर्ड ग्रेड टीचर के लिए अब उम्मीदवारों को सिर्फ एक बार ही पात्रता परीक्षा देनी होगी। जबकि सिलेक्शन के लिए उन्हें अलग एग्जाम देना होगा।

जाने ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती प्रक्रिया

राजस्थान में ग्रेड थर्ड टीचर्स के कुल 46,500 पदों पर भर्ती होगी। इसमें लेवल-1 में 15,000 और लेवल-2 के 31,500 पद शामिल है।

लेवल-1 और लेवल-2 के लिए दो चरण में भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें पहले चरण की परीक्षा सिर्फ पात्रता के लिए होगी। जबकि दूसरे चरण की परीक्षा का आयोजन टीचर्स के सिलेक्शन के लिए किया जाएगा।
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23 और 24 जुलाई को आयोजित होने वाली पात्रता परीक्षा का रिजल्ट इसी साल सितंबर तक जारी किया जाएगा।

अगले साल जनवरी में टीचर्स के सिलेक्शन के लिए एक और भर्ती परीक्षा का आयोजन होगा। इसमें सब्जेक्ट के आधार पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।

लेवल-1 और लेवल-2 दोनों की परीक्षा 300 नंबर की होगी। इसके लिए उम्मीदवार को दो घंटे 30 मिनट का वक्त दिया जाएगा।