योगी आदित्यनाथ और मोहन यादव ने वाराणसी में ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का किया शुभारंभ

योगी आदित्यनाथ और मोहन यादव ने वाराणसी में ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का किया शुभारंभ

Yogi Adityanath and Mohan Yadav inaugurated

Yogi Adityanath and Mohan Yadav inaugurated

वाराणसी। Yogi Adityanath and Mohan Yadav inaugurated, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि समय बदल चुका है। अब समाज में आक्रांताओं को नहीं, बल्कि सुशासन और न्याय के महान नायकों को स्थान मिल रहा है।

युवा पीढ़ी आज राजा विक्रमादित्य जैसे आदर्श व्यक्तित्वों से परिचित हो रही है और काशी इसका साक्षी बन रही है। वह भारतीय रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में आयोजित ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का मप्र के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के साथ शुभारंभ करने के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।

मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का किया शुभारंभ

इस दौरान डॉक्टर मोहन यादव ने योगी आदित्यनाथ को धर्म पट्टिका और विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की प्रतिकृति भेंट की। योगी ने काशी और उज्जैन की आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी बाबा विश्वनाथ की पावन धरा है, जबकि उज्जैन महाकाल की नगरी है। जो समय की गति को नहीं समझता, उसे महाकाल स्वयं दंडित करते हैं, जबकि जो समय के अनुरूप स्वयं को ढालता है, उस पर महाकाल की कृपा होती है।

योगी ने राजा भर्तृहरि और सम्राट विक्रमादित्य की जोड़ी की तुलना इनसे की

योगी ने राजा भर्तृहरि और सम्राट विक्रमादित्य की जोड़ी की तुलना भगवान राम-लक्ष्मण और श्रीकृष्ण-बलराम से की। उन्होंने बताया कि भर्तृहरि ने नाथ संप्रदाय में दीक्षा ली थी। उनकी दीक्षा भूमि भले ही उज्जैन रही हो, लेकिन साधना स्थली काशी के पास स्थित चुनार किला रही है।

यूपी सीएम ने कहा कि यह आयोजन केवल एक नाट्य मंचन नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली परंपराओं और महान विभूतियों के प्रति श्रद्धांजलि है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। 

मोहन यादव बोले-सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास का नया पैमाना गढ़ रहे दोनों प्रदेश

इस अवसर पर डा. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य भारतीय इतिहास के ऐसे महान शासक थे, जिनकी कीर्ति आज भी जनमानस में जीवंत है। उनका नाम न्याय और पराक्रम का पर्याय है। इस तरह के आयोजन न केवल मनोरंजन करते हैं, बल्कि समाज को शिक्षित भी करते हैं। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।

दोनों राज्य पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बेतवा नदी को जोड़ने की परियोजना का भी उल्लेख किया, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाया जा रहा है।

योगी को सौंपी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी, बाबा विश्वनाथ को होगी अर्पित

मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की प्रतिकृति सौंपी। योगी प्राचीन भारतीय समय-ज्ञान और वैदिक गणित पर आधारित करीब 700 किलोग्राम वजनी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को बाबा विश्वनाथ को अर्पित करेंगे। कालगणना के केंद्र रहे महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना के बाद इसे देशभर में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में स्थापित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2024 में इस घड़ी का लोकार्पण किया था

उज्जैन के बाद श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में शनिवार को वैदिक घड़ी स्थापित की जाएगी। यह घड़ी भारतीय पंचांग और सूर्य की स्थिति के आधार पर समय की गणना करने की पारंपरिक पद्धति को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2024 में इस घड़ी का लोकार्पण किया था। भारतीय काल गणना के लिए वैदिक घड़ी का एप भी तैयार किया जा चुका है। इस एप को 40 भाषाओं में देखा जा सकता है।