चीन ने कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर लगाया भारी भरकम टैक्स, क्या है वजह?
China Condom Tax
हैदराबाद: China Condom Tax: एक समय था जब चीन अपनी बढ़ती जनसंख्या को लेकर काफी परेशान था. 1963 में जन्मदर 7.51 तक पहुंच गई थी. इसको कम करने के लिए चीन में कई कार्यक्रम चलाए गए. 1980 में की 'एक-बच्चा नीति' (One-Child Policy) लाई गई, जिससे जन्म दर में काफी तेज गिरावट हुई. इस गिरावट से चिंतित होकर चीन ने 2016 में इस स्कीम के बंद कर दिया लेकिन, जन्म दर में कोई खास असर नहीं पड़ा. वह लगातार गिरती ही गई.
मौजूदा समय में चीन की जन्म दर 1.02 (प्रति महिला) है. यानी महिलाएं एक बच्चा पैदा करने पर जोर देती है. आईए समझते हैं, आबादी बढ़ाने के लिए चीन सरकार क्या-क्या कर रही है? कंडोम समेत गर्भनिरोधक अन्य चीजों पर 13% वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) लगाने के पीछे की क्या मंशा है? और देश की महिलाएं बच्चे क्यों नहीं पैदा करना चाह रहीं?
चीन कम जन्म दर की समस्या से जूझ रहा: द कन्वरसेशन की रिपोर्ट के अनुसार कभी दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश चीन अब दूसरे नंबर पर खिसक गया है. पहले नंबर पर भारत पहुंच गया है. चीन की जनसंख्या जहां करीब 1.42 अरब है, वहीं भारत की 1.46 अरब से अधिक है. चीन अब कई उन एशियाई देशों में शामिल है, जो कम जन्म दर की समस्या से जूझ रहे हैं.
चीन में 2024 में पैदा हुए सिर्फ 95.4 लाख बच्चे: आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि चीन की जनसंख्या लगातार तीन साल से घट रही है. 2024 में सिर्फ 95.4 लाख बच्चे पैदा हुए, जबकि 2016 में जब 'एक बच्चे की नीति' खत्म हुई थी, तब यह आंकड़ा 1.88 करोड़ था.
चीन ने गर्भनिरोधक चीजों पर लगाया 13% VAT: देश में प्रति महिला बच्चों की संख्या 1.02 होने के कारण इसे दोगुना करने के प्रयास में सरकार अब एक नया तरीका अपना रही है. गर्भनिरोधक चीजों पर 13% वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) लगा दिया है. जबकि, 1993 से ये उत्पाद टैक्स फ्री थे. चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के अनुसार देश का लक्ष्य जन्म दर 2.1 करने का है.
द कन्वरसेशन की रिपोर्ट के अनुसार चीन का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वहां पिछले साल एक राष्ट्रीय बाल देखभाल कार्यक्रम के लिए 90 अरब युआन (करीब 12.7 अरब अमेरिकी डॉलर) का बजट दिया गया था. इसके तहत परिवारों को हर तीन साल या उससे कम उम्र के बच्चे के लिए करीब 3,600 युआन (500 अमेरिकी डॉलर से अधिक) दिया जाता है.
गर्भनिरोधक चीजों पर टैक्स 1 जनवरी 2026 से हुआ लागू: चीन ने गर्भनिरोधक चीजों पर 13% VAT को 1 जनवरी 2026 से लागू किया है. ऐसा करने वाला चीन पहला देश नहीं है. इससे पहले सिंगापुर, दक्षिण कोरिया समेत कई देशों ने जन्म दर बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए लेकिन, इसका कोई असर देखने को नहीं मिला.
आबादी बढ़ाने के लिए क्या-क्या कर रहा चीन: आबादी बढ़ाने के लिए चीन ने नई कर व्यवस्था में शादी से जुड़ी सेवाओं और बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ी सेवाओं को VAT से छूट दी है. यह चीन के एक व्यापक प्रयास का हिस्सा है जिसमें पेरेंटल लीव को बढ़ाना और नकद सहायता देना भी शामिल है.
गर्भनिरोधक चीजों पर टैक्स का क्या होगा असर: द कन्वरसेशन की रिपोर्ट के अनुसार गर्भनिरोधक पर 13% टैक्स प्रतीकात्मक है. चीन में एक पैकेट कंडोम की कीमत लगभग 50 युआन (करीब 7 अमेरिकी डॉलर) है. इसी प्रकार गर्भनिरोधक गोलियों की एक महीने की खुराक का औसत लगभग 130 युआन (19 अमेरिकी डॉलर) आता है. नया कर लोगों की जेब पर कोई खास बोझ नहीं डालने वाला है. बल्कि हर महीने कुछ ही डॉलर का फर्क पड़ेगा.
चीन में बच्चे क्यों नहीं पैदा करना चाहते युवा: गर्भनिरोधक चीजों पर भारी-भरकम टैक्स लगाकर और अन्य कार्यक्रम चलाकर चीन अपने देश की प्रजनन दर 2.1 के स्तर पर पहुंचाना चाहता है. लेकिन, यहां के युवा बच्चे नहीं पैदा करना चाहते. इसका मुख्य कारण बच्चों के पालन पोषण का भारी-भरकम खर्च बताया जा रहा है.
दरअसर, YuWa पॉपुलेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक बच्चे को 18 साल की उम्र तक पालने में 5.38 लाख युआन (77,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक) से ज्यादा का खर्च आता है. कमजोर नौकरी बाजार, धीमी आर्थिक वृद्धि और बदलती सामाजिक उम्मीदों के कारण युवा बच्चे पैदा करने का खर्च उठाने में असमर्थ हैं.
गर्भनिरोधक चीजों पर टैक्स ने बढ़ाई चिंता: गर्भनिरोधक चीजों पर टैक्स ने चीन में स्वास्थ्य को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं. दरअसल, चीन में HIV के मामले तेजी से बढ़े हैं, जबकि दुनिया भर में ये कम हो रहे हैं. चीन के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, 2002 से 2021 के बीच रिपोर्ट किए गए HIV और AIDS के मामले 100,000 लोगों पर 0.37 से बढ़कर 8.41 हो गए हैं, जो गंभीर है.
गर्भनिरोधक चीजों पर टैक्स लगाने का चीन का क्या उद्देश्य: दरअसल, चीन बढ़ती बुजुर्ग आबादी और सुस्त अर्थव्यवस्था का सामना कर रहा है. नए टैक्स रिफॉर्म में 1993 से चली आ रही छूट को खत्म करके चीन एक तो अपने राजस्व में बढ़ोतरी करना चाहता है और दूसरे आबादी को बढ़ाने का प्रयास है.
विस्कॉन्सिन-मैडिसन यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार गर्भनिरोधक चीजों पर टैक्स बढ़ाने से जन्म दर पर असर पड़ेगा, यह नहीं कहा जा सकता. देश के हाउसिंग सेक्टर में आई मंदी और बढ़ते कर्ज की वजह से चीन जहां से भी संभव हो वहां से टैक्स वसूलना चाहता है. पिछले साल चीन के VAT राजस्व का हिस्सा करीब 1 ट्रिलियन डॉलर था, जो देश को मिलने वाले कुल टैक्स का 40% था.