एग्जिट पोल क्या होता है? कैसे तय होता है चुनाव का अनुमान

एग्जिट पोल क्या होता है? कैसे तय होता है चुनाव का अनुमान

Exit Poll Explained

Exit Poll Explained

नई दिल्ली। Exit Poll Explained: पश्चिम बंगाल में आज दूसरे चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही टीवी चैनलों पर एग्जिट पोल आन शुरू हो जाएंगे। अलग-अलग चैनल, अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के साथ मिलकर अपने-अपने एग्जिट पोल प्रसारित करेंगे।

सर्वे एजेंसियां एग्जिट पोल के जरिए चुनावी राज्यों में मतदाताओं से बातचीत के आधार पर किए गए सर्वे के मुताबिक, चुनावी हार-जीत का अनुमान पेश करती हैं। हालांकि, कई बार देखा गया है कि एग्जिट पोल और असल नतीजे कई बार बिल्कुल उलट होते हैं। और कई बार एग्जिट पोल चुनाव के असल नतीजों के आस-पास या सही साबित होते हैं।

अब आपके मन में एक बात आ रही होगी कि आखिर ये एग्जिट पोल क्या है? इसे कैसे तैयार किया जाता है, कौन इसे तैयार करता है?

क्या होता है एग्जिट पोल?

तो आपको बता दें कि एग्जिट पोल एक तरह का चुनावी सर्वे होता है, जो मतदाताओं से बातचीत के आधार पर तैयार किया जाता है। चुनाव में मतदान के तुरंत बाद सर्वे एजेंसियां या न्यूज चैनल के रिपोर्टर वोटर्स के पास जाकर उनसे उनकी राजनीतिक पसंद, नापसंद, मुद्दे और वोट करते समय किन बातों पर फोकस, जैसे सवालों के जरिए उनके मन को टटोलने की कोशिश करती हैं।

उसी का आधार पर तैयार किए गए डेटा को एग्जिट पोल के रूप में पेश किया जाता है। यह अनुमान कई बार सही तो कई बार गलत भी साबित हो जाते हैं।

कितना होता है सैंपल साइज?

एग्जिट पोल में मतदाताओं को शामिल किया जाता है, जिसकी संख्या 30 हजार से लेकर एक लाख तक हो सकती है। कई बात अगल-अलग विधानसभाओं या लोकसभाओं में कुछ बूथों पर मतदाताओं से बातचीत के आधार डेटा तैयार किया जाता है। जिसे मतदान खत्म होने के बाद प्रस्तुत किया जाता है।

कब जारी होंगे एग्जिट पोल?

चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार सर्वे एजेंसिया 29 अप्रैल शाम 6.30 बजे के बाद ही एग्जिट पोल प्रसारित कर पाएंगे। चुनाव आयोग ने तय समय से पूर्व एग्जिट पोल के प्रसारण पर रोक लगा रखी है।