चमोली और रुद्रप्रयाग में बदला मौसम: पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि
Weather Changes in Chamoli and Rudraprayag
गोपेश्वर (चमोली)। Weather Changes in Chamoli and Rudraprayag, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में मौसम ने एक बार फिर मिजाज बदला है।
केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, औली, गौरसों, चोपता सहित ऊंची पहाड़ियों पर सोमवार दोपहर बाद हल्की बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में वर्षा और ओलावृष्टि के कारण ठंड लौट आई है। वहीं ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है।
सोमवार सुबह से चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में मौसम साफ रहा और धूप खिली रही, लेकिन दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए और केदारनाथ, हेमकुंड साहिब, बदरीनाथ धाम, औली, गौरसों सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो गई।
निचले इलाकों में भी वर्षा और ओलावृष्टि हुई। मौसम के इस बदलाव ने एक बार फिर मौसम ठंडा कर दिया है। पोखरी विकासखंड के चंद्रशिला पट्टी के खदेड़ पट्टी क्षेत्र में तेज आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि के साथ हुई मूसलधार वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
रडुवा, काणडई, चंद्रशिला, जौरासी, किमोठा, डुगर, तोणजी, सलना, नैल, नौली, गुणम, कलसीर, मसोली, पार्टी और जखमाला सहित कई गांवों में तेज हवाओं और ओलों ने भारी नुकसान पहुंचाया।
खेतों में पकने के कगार पर पहुंच चुकी गेहूं और जौ की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं साग-सब्जियों की खेती भी प्रभावित हुई है।
ग्राम नैल के देनदार राणा ने बताया कि उनके अकेले दो सौ कीवी के फलदार पौधे नष्ट हो गए।
भगत भण्डारी, रघुवीर नेगी, जगदीश नेगी और बीरेंद्र नेगी सहित कई काश्तकारों का कहना है कि इस समय धान की बुआई का सीजन चल रहा है, लेकिन लगातार वर्षा और अत्यधिक नमी के कारण खेतों की मिट्टी गीली हो गई है।
ऐसे में बुवाई का कार्य करना मुश्किल हो गया है, जिससे उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। तेज आंधी के चलते कई जगहों पर पेड़ भी टूटकर गिर गए।
अचानक हुई इस तेज बारिश और ओलावृष्टि से क्षेत्र के काश्तकारों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग की है।
वहीं रुद्रप्रयाग जनपद में पिछले तीन दिनों से दोपहर बाद लगातार हो रही वर्षा से मौसम ठंडा हो गया है। अप्रैल में जहां सामान्य तौर पर तापमान बढ़ने लगता है, वहीं इस बार वर्षा और बादलों के कारण सर्दी जैसा अहसास हो रहा है।
वहीं केदारनाथ धाम में अभी भी लगभग चार फीट बर्फ जमी है। कृषि क्षेत्र पर भी इस मौसम का प्रभाव पड़ रहा है। लगातार नमी के कारण फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
केदारनाथ समेत कई ऊंची चोटियों पर भी ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
जिला मुख्यालय के साथ ही तिलवाडा, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड समेत कई जगहों पर शाम के समय वर्षा होने से मौसम काफी ठंडा हो गया है।
औली में बर्फबारी से पर्यटक व कारोबारी खुश
पर्यटन स्थल औली पर प्रकृति मेहरबान है। बर्फ विहिन औली में सोमवार दोपहर बाद बर्फबारी होने से पर्यटकों की मनचाही मुराद पूरी हो गई।
पर्यटन कारोबारी भी इससे खासे खुश हैं उन्हें ताजा बर्फबारी से अप्रैल में भी पर्यटन कारोबार से खासी आमदनी की उम्मीद है।
औली में दोपहर बाद शुरू हुई बर्फबारी शाम तक जारी रही। औली में मौजूद पर्यटकों ने बर्फबारी का आनंद लिया। हालांकि यह बर्फ जल्द ही पिघल भी जाएगी।
ताजी बर्फबारी औली गौरसों के बीच जमी हुई है। पर्यटन कारोबारी अजय भट्ट ने बताया कि बर्फबारी के बाद पर्यटकों का रुख औली की ओर हो गया है।