रांची में SIR प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं की बढ़ी परेशानी, बूथों पर भटक रहे लोग
Voters in Ranchi face increased difficulties
रांची। Voters in Ranchi face increased difficulties, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजधानी रांची में लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। रविवार को शहर के अधिकांश मतदान केंद्रों पर एसआईआर से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
हालांकि कई मतदाताओं को आवश्यक जानकारी नहीं मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिनका नाम या दस्तावेज वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं मिल पा रहा है।
कई मतदाता पुराने निवास स्थान बदल चुके हैं, जिसके कारण उन्हें यह पता लगाने में कठिनाई हो रही है कि वर्ष 2003 में उनका नाम किस बूथ की मतदाता सूची में दर्ज था। बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा भी स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं मिलने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
डोरंडा से कोकर तक भटकते रहे रमेश कुमार
कोकर स्थित रामलखन स्कूल परिसर में अपने बूथ से संबंधित जानकारी लेने पहुंचे रमेश कुमार ने बताया कि पहले वे डोरंडा क्षेत्र में रहते थे, लेकिन अब कोकर में निवास कर रहे हैं।
बीएलओ ने उनसे 2003 के मतदान केंद्र की जानकारी मांगी और फिर उन्हें डोरंडा जाकर जानकारी लेने की सलाह दी। रमेश कुमार ने कहा कि वे एसआईआर से जुड़ी जानकारी के लिए कई दिनों से इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिला है। डोरंडा पहुंचने पर उन्हें पता चला कि वहां का बूथ भी बदल चुका है।
केतारी बगान में भी दिखी भ्रम की स्थिति
लोअर चुटिया के केतारी बगान बूथ पर भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। पशुपति कुमार ने बताया कि वे पहले लालपुर में रहते थे, लेकिन अब केतारी बगान क्षेत्र में रह रहे हैं। उनका नाम चुटिया के दूसरे बूथ में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि वे अपने वर्तमान क्षेत्र के बूथ में नाम दर्ज कराना चाहते हैं।
बीएलओ की जानकारी पर उठ रहे सवाल
कई मतदाताओं ने आरोप लगाया कि बीएलओ स्वयं एसआईआर प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं रख रहे हैं। इसके कारण लोगों को एक बूथ से दूसरे बूथ भेजा जा रहा है और उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में मतदाताओं ने प्रशासन से एसआइआर प्रक्रिया को सरल बनाने और बूथ स्तर पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।