विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल ने मेधावी छात्रों को दी 10 लाख की छात्रवृत्ति
Vidyasagar International School Awards Scholarships
लड़कियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना है हमारा कर्तव्य - धर्मपाल यादव चेयरमैन
फरीदाबाद। दयाराम वशिष्ठ: Vidyasagar International School Awards Scholarships: तिगांव के समीपवर्ती घरौडा स्थित विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय पहल करते हुए एकेडमिक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 10 से 12 लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्कूल में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिसमें छात्राओं ने विशेष रूप से बाजी मारी।

कार्यक्रम के दौरान खास बात यह देखने को मिली कि अधिकांश कक्षाओं में लड़कियों ने शीर्ष स्थान हासिल कर छात्रवृत्ति प्राप्त की। यह स्कूल की उस नीति का सकारात्मक परिणाम है, जिसके तहत वर्ष 2011 से ही छात्राओं को निःशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। इस पहल ने न केवल शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई है, बल्कि बेटियों को आगे बढ़ने का मजबूत अवसर भी प्रदान किया है।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने इस पहल की जमकर सराहना की और विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। अभिभावकों ने कहा कि इस तरह की छात्रवृत्ति योजनाएं बच्चों को और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करती हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करती हैं। बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।

इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उमेश कौशिक इंचार्ज पुलिस चौकी चांदपुर, राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित रविंदर सरपंच, फरीदाबाद सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सूरजपाल भूरा सरपंच, सुरेंद्र त्यागी , विक्रम सिंह एडवोकेट , डॉ वीरेंद्र व कृष्ण भी उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यालय की इस मुहिम की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार की पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे बेटियों के सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है।
विद्यालय चेयरमैन धर्मपाल यादव ने अपने संबोधन में कहा कि उनका उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कार, आत्मविश्वास और सफलता की राह दिखाना है। भविष्य में भी इस प्रकार की छात्रवृत्ति योजनाओं को जारी रखने का आश्वासन दिया गया। यह कार्यक्रम शिक्षा, समानता और प्रेरणा का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित किया।