हिमाचल में शहरी निकाय चुनाव का ऐलान, आदर्श आचार संहिता लागू: विकास कार्यों और तबादलों पर रोक

हिमाचल में शहरी निकाय चुनाव का ऐलान, आदर्श आचार संहिता लागू: विकास कार्यों और तबादलों पर रोक

Urban Local Body Elections Announced in Himachal

Urban Local Body Elections Announced in Himachal

शिमला। Urban Local Body Elections Announced in Himachal, हिमाचल प्रदेश में 51 शहरी निकायों में चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार चुनाव संहिता लागू हो गई है। इस आचार संहिता के लागू होते ही इस क्षेत्र में विकास कार्यों, तबादलों, पदोन्नतियों और नई नियुक्तियों पर रोक लग गई है। अब नई भर्तियों के विज्ञापन, तबादले और नियुक्तियां जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग की अनुमति के बिना नहीं लिए जा सकेंगे।

आचार संहिता के प्रभावी होते ही सरकार और प्रशासन के कार्यों पर कई प्रकार की पाबंदियां लागू हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक शासन-प्रशासन को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य करना होगा।

सरकारी संसाधनों का उपयोग नहीं कर सकेंगे

आचार संहिता लागू होने के बाद मंत्री, विधायक, सलाहकार, बोर्ड और निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव प्रचार में सरकारी संसाधनों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। सरकारी गाड़ियों, भवनों और अन्य संसाधनों का राजनीतिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

घोषणा नहीं कर सकेगी सरकार

राज्य सरकार अब शहरी क्षेत्रों में किसी भी नई योजना या परियोजना की घोषणा नहीं कर सकेगी। इसके साथ ही शिलान्यास, उद्घाटन और लोकलुभावन निर्णयों पर भी रोक लगा दी गई है। 

19 और 31 मई तक रहेगी आचार संहिता

आचार संहिता नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों में 19 मई तक, जबकि धर्मशाला, मंडी, सोलन और पालमपुर नगर निगम क्षेत्रों में 31 मई तक लागू रहेगी। इस दौरान सरकार किसी भी प्रकार के वित्तीय लाभ, अनुदान या ऐसी घोषणाएं नहीं कर सकेगी जो मतदाताओं को प्रभावित कर सकें।

राज्य चुनाव आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और उपायुक्तों को आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के पक्ष में कार्य न करें, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सकें।

पहले से चल रही योजनाओं पर नहीं रोक 

पहले से चल रही योजनाएं जारी रहेंगी, लेकिन उनका प्रचार-प्रसार या विस्तार नहीं किया जा सकेगा। गर्मियों के सीजन में सड़कों की टारिंग का कार्य भी नहीं हो सकेगा। 

उपायुक्त नहीं छोड़ सकेंगे अपना कार्यालय 

जिलों में उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्यालयों में मौजूद रहें और स्टेशन न छोड़ें, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर कोई असर न पड़े। 

आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जाति, धर्म के नाम पर वोट मांगने पर रोक है। सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। 
-अनिल खाची, राज्य निर्वाचन आयुक्त।