मथुरा में सड़क हादसे के बाद बवाल: जांच में सामने आई साजिश की कहानी

मथुरा में सड़क हादसे के बाद बवाल: जांच में सामने आई साजिश की कहानी

Uproar in Mathura Following Road Acciden

Uproar in Mathura Following Road Acciden

मथुरा। Uproar in Mathura Following Road Acciden, कोसीकलां के नवीपुर गांव के समीप सड़क हादसे में फरसा वाले बाबा की मृत्यु के बाद छाता हाईवे पर भड़के बवाल को लेकर पुलिस की जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई है। बवाल अचानक नहीं, सुनियोजित साजिश के तहत बड़े दंगे को भड़काने की तैयारी की गई थी।

इसमें बाहरी राज्यों से आए उपद्रवियों और इंटरनेट मीडिया के जरिए फैलाई गई भड़काऊ अफवाहों की अहम भूमिका रही। हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से दर्जनों संदिग्ध लोग छाता पहुंचे थे। इनका मकसद माहौल को उग्र बनाना और भीड़ को हिंसा की ओर धकेलना था। जबकि स्थानीय गोरक्षकों में किसी तरह का विरोध नहीं था।

सड़क हादसे में बाबा की मृत्यु को हत्या बताकर डाले भड़काऊ पोस्ट

बरसाना क्षेत्र के गांव आजनौख में 55 वर्षीय चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की गोशाला है। शनिवार रात एक कंटेनर में गोवंश को हरियाणा ले जाने की सूचना मिली। इस पर वह बाइक से अपने एक साथी के साथ कोटवन क्षेत्र में हाईवे के पास पहुंच गए। वहां नागालैंड नंबर के कंटेनर को रुकने का इशारा किया। बाबा के हाथ में फरसा देख चालक कंटेनर भगाने लगा। बाबा ने साथी के साथ बाइक से पीछा किया।

एक दर्जन फेसबुक अकाउंट किए चिन्हित

कोसीकलां में हरियाणा सीमा स्थित गांव नवीपुर के समीप चालक कंटेनर को सड़क पर छोड़ भाग गया। बाबा पीछे से कंटेनर में लगी सील को खोलने लगे। इसी दौरान घने कोहरे में पीछे से आ रहे तार लदे ट्रक ने कंटेनर में टक्कर मार दी। दो गाड़ियों की टक्कर में बाबा की मृत्यु हो गई। ट्रक चालक खुर्शीद निवासी अलवर की भी आगरा में मृत्यु हो गई। इंटरनेट मीडिया पर बाबा की गोतस्करों द्वारा गाड़ी से कुचलकर हत्या करने की सूचना प्रसारित कर दी। इससे गोरक्षकों में आक्रोश पनप गया।

गिरफ्तार उपद्रवियों से मिले साक्ष्य

हरियाणा और राजस्थान के समर्थकों ने इंटरनेट मीडिया में भड़काऊ पोस्ट डालकर मथुरा पहुंचने की हुंकार भर दी। बाहरी उपद्रवियों ने स्थानीय स्तर पर पहले से संपर्क स्थापित कर रखा था और मौके पर पहुंचकर भीड़ को उकसाने का काम किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल इस साजिश को अंजाम देने के लिए बड़े पैमाने पर किया गया।

प्रशासन की कार्रवाई ने इस साजिश को सफल नहीं होने दिया

फरसा वाले बाबा की मृत्यु को लेकर हत्या का षड्यंत्र बताने वाली भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट जानबूझकर प्रसारित की गईं। इन पोस्टों के जरिए गोरक्षकों में आक्रोश पैदा करने की कोशिश की गई। इससे बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई ने इस साजिश को सफल नहीं होने दिया। भारी पुलिस बल की तैनाती और सख्ती के चलते हालात को नियंत्रित कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए उपद्रवियों से पुलिस को कई साक्ष्य मिले हैं।

एक दर्जन इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के अकाउंट चिन्हित

पुलिस टीमें अब इस नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। करीब एक दर्जन इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के अकाउंट चिन्हित किए गए हैं। कई सक्रिय संदिग्ध अकाउंट्स की निगरानी की जा रही है। पुलिस मोबाइल नंबरों, काल डिटेल्स और लोकेशन डेटा के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कौन लोग मास्टरमाइंड के तौर पर काम कर रहे थे।

कई इंटरनेट मीडिया ग्रुप और फर्जी आइडी के माध्यम से यह अफवाह फैलाई कि बाबा की हत्या की गई है, जबकि सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हुई है। इसके पीछे सुनियोजित साजिश निकल कर सामने आ रही है। अफवाह फैलाने वालों और दंगा भड़काने की साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी भी की जाएगी।  - श्लोक कुमार, एसएसपी।