लखनऊ: यूपी सरकार की राजस्व वृद्धि, जीएसटी दर घटने के बावजूद खजाने में बढ़ोतरी

लखनऊ: यूपी सरकार की राजस्व वृद्धि, जीएसटी दर घटने के बावजूद खजाने में बढ़ोतरी

UP Government Revenue Growth—Increase

UP Government's Revenue Growth—Increase

लखनऊ। UP Government's Revenue Growth—Increase, पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान भले ही तमाम वस्तुओं पर जीएसदी की दरों को घटाया गया था लेकिन राज्य सरकार की कमाई नहीं घटी।

सरकार को वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में पिछले वित्तीय वर्ष में 10,228.10 करोड़ रुपए अधिक हासिल हुए हैं। जीएसटी से भी पहले के मुकाबले 12.26 करोड़ रुपये अधिक सरकारी खजाने में आए हैं। करों से कमाई बढ़ाने में आबकारी, स्टांप एवं निबंधन, परिवहन, वैट जैसे करों ने सरकार को बड़ा सहारा दिया।

मुख्य करों से पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार ने 2,96,875.00 करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य तय किया था जबकि 2,23,060.18 करोड़ रुपये ही सरकार को हासिल हुए हैं। यह वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुई 2,12,832.08 करोड़ रुपये की कमाई से 10,228.10 करोड़ रुपये ज्यादा है।

गौर करने की बात यह है कि सरकार ने जीएसटी से 1,30,425.00 करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य तय किया था लेकिन उसे 82,547.40 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। इसका बड़ा कारण दीपावली से पहले जीएसटी की दरों के घटने को माना जा रहा है, लेकिन सरकार के लिए संतोष की बात यह है कि लक्ष्य से घटने के बावजूद वित्तीय वर्ष 2024-25 से जरूर उसे 12.26 करोड़ रुपये अधिक जीएसटी मिला है।

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का कहना है कि जीएसटी रिफार्म के तहत जनता को राहत पहुंचाने के लिए जीएसटी की दरों में कमी से जीएसटी से अपेक्षित राजस्व नहीं मिला है लेकिन भरपाई में सबसे बड़ा सहारा शराब की बिक्री से मिलने वाला आबकारी राजस्व रहा।

सरकार को पूर्व से पिछले वित्तीय वर्ष में आबकारी से 5147.77 करोड़ रुपये, स्टांप एवं निबंधन से 2392.52 करोड़ रुपये, परिवहन से 1721.46 करोड़ रुपये तथा वैट से 909.81 करोड़ रुपये अधिक राजस्व हासिल हुए हैं।

मंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन, प्रभावी नीतियों, और सुदृढ़ प्रबंधन के कारण राज्य 35 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए सभी विभागों से कार्ययोजनाएं मांगी गई हैं ताकि तेजी से विकास कार्य का काम कराया जा सके।

75 प्रतिशत ही खर्च हो सका बजट

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मूल बजट 8,08,736.06 करोड़ रुपये में से 81 प्रतिशत बजट खर्च किया गया है। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष के कुल बजट 8,79,935.44 करोड़ रुपये के मुकाबले 6,61,207.87 करोड़ रुपये(75.14 प्रतिशत) ही खर्च हुए हैं।

वर्ष मुख्य करों से सरकार को होने वाली कमाई (करोड़ रुपये में)
2021-22 1,47,367.74
2022-23 1,74,087.15
2023-24 1,93,129.34
2024-25 2,12,832.08
2025-26 2,23,060060.18