गोरखपुर/देवरिया: कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या मामले में दो शिक्षकों से पूछताछ, लिपिक संजीव सिंह फरार

गोरखपुर/देवरिया: कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या मामले में दो शिक्षकों से पूछताछ, लिपिक संजीव सिंह फरार

Two teachers questioned in Krishna Mohan Singh

Two teachers questioned in Krishna Mohan Singh

गोरखपुर। देवरिया के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में गुलरिहा पुलिस ने शिक्षिका अपर्णा तिवारी और शिक्षक ओंकार सिंह से गुरुवार को पूछताछ की। सुसाइड नोट में दोनों के नाम का जिक्र था, यद्यपि दोनों शिक्षकों को कृष्ण मोहन सिंह ने आरोपित नहीं बनाया हैं।

बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह की तलाश में पुलिस टीम देवरिया और बलिया में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पूर्व प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है। गोरखपुर पुलिस हाई कोर्ट में बीएसए की ओर से मुकदमा रद कराने के लिए दायर याचिका का जवाब देने की तैयारी भी पुलिस कर रही है।

बीएसए ने उप्र शासन के अलावा एसएसपी गोरखपुर, गुलरिहा थाना पुलिस और वादिनी गुड़िया को प्रतिवादी बनाया है। गुलरिहा थाना पुलिस ने देवरिया की रहने वाली अपर्णा तिवारी और कुशीनगर के ओंकार सिंह को गुरुवार को थाने बुलाया। ये दोनों भी कृष्ण मोहन सिंह के साथ कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, गौरी बाजार (देवरिया) में शिक्षक थे। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने दोनों शिक्षकों से रुपये के लेन-देन के बारे में जानकारी ली।

सुसाइड नोट में कृष्ण मोहन सिंह ने लिखा था कि दोनों शिक्षकों ने भी नियुक्ति बहाली के लिए बीएसए कार्यालय के लिपिक संजीव सिंह को रुपये दिए थे। पूर्व प्रधानाचार्य ने कृष्ण मोहन और दोनों शिक्षकों का परिचय लिपिक संजीव सिंह से कराकर सौदा तय कराया था। पुलिस टीम गुरुवार को देवरिया भी गई और जिला प्रशासन के पास मौजूद फुटेज प्राप्त किया।

देवरिया जिला प्रशासन की जांच समिति और लखनऊ से आई टीम ने बीएसए कार्यालय के पुराने डीवीआर से फुटेज को कब्जे में लिया था। इसमें 20 फरवरी की दोपहर कृष्ण मोहन सिंह, अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह एक साथ बीएसए से मिलने कार्यालय पहुंचे थे। फुटेज में तीनों के मिलने की पुष्टि हुई थी और समिति ने इस फुटेज को पेन ड्राइव में सुरक्षित कर लिया था।

गुलरिहा पुलिस ने जब डीवीआर को कब्जे में लिया तो वह खाली निकला। पुलिस को साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गंभीर आशंका है। मुख्य आरोपित लिपिक संजीव सिंह घटना के बाद से ही फरार है। पता चला है कि वह मूल रूप से बलिया जिले के बरवा रत्तीपट्टी का रहने वाला है। बीएसए शालिनी श्रीवास्तव भी बलिया के आनंदनगर की रहने वाली हैं।

गोरखपुर पुलिस की टीमें देवरिया के साथ-साथ बलिया स्थित दोनों आरोपितों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के दोनों मोबाइल फोन पुलिस पहले ही कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजी चुकी है।

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि आरोपितों के साथ ही डीवीआर की तलाश जारी है और यदि जांच में फुटेज उपलब्ध न कराए जाने या छेड़छाड़ की पुष्टि होती है, तो संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।