पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार का कूड़ा साफ करने में लगा समय : योगी आदित्यनाथ
Took Time to Clean Corruption
Yogi Adityanath ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार को राज्य की पिछली सरकारों के “पाप के गड्ढों” को भरने और “भ्रष्टाचार के कूड़े” को साफ करने में काफी समय लगा। मुख्यमंत्री ने यह बात लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही, जहां नगर निगमों के महापौरों के तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर 413 करोड़ रुपये की 342 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। आधिकारिक बयान के अनुसार योगी ने कहा कि प्रदेश की जनता ने पहली बार सभी 17 नगर निगमों में Bharatiya Janata Party के महापौर चुनकर विकास और स्वच्छता के नए मानक स्थापित किए हैं।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है और सरकार उसका सही नियोजन कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी 17 नगर निगमों के महापौरों, 200 नगर पालिका परिषदों और 545 नगर पंचायतों के चेयरमैनों तथा करीब 14 हजार पार्षदों को तीन साल का कार्यकाल पूरा करने पर शुभकामनाएं दीं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ को देश में तीसरा स्थान मिला है और अब इसे पहले स्थान पर पहुंचाना लक्ष्य है। उन्होंने नागरिकों से घर का कूड़ा कूड़ेदान में डालने, गीला और सूखा कचरा अलग करने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां 30 वर्षों तक कूड़ा डाला जाता था, वहां अब राष्ट्र प्रेरणा स्थल बनाया गया है। वहां Syama Prasad Mukherjee, Deendayal Upadhyaya और Atal Bihari Vajpayee की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर, मेट्रो और सभी आधुनिक जनसुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।