TMC MP Kalyan Banerjee Mimics Rajya Sabha Chairman Jagdeep Dhankhar

संसद से 'शर्मनाक तस्वीर'; उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का मजाक उड़ाया गया, सांसद ने मजे लेकर नकल उतारी तो राहुल ने वीडियो शूट किया

TMC MP Kalyan Banerjee Mimics Rajya Sabha Chairman Jagdeep Dhankhar

TMC MP Kalyan Banerjee Mimics Rajya Sabha Chairman Jagdeep Dhankhar

TMC MP Mimics Jagdeep Dhankhar: शीतकालीन सत्र से सस्पेंड हुए विपक्षी सांसद अब संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। जहां इस बीच एक TMC सांसद ने देश के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ का मजाक उड़ा डाला है। टीएमसी सांसद का नाम कल्याण बनर्जी है। सांसद कल्याण बनर्जी ने सभापति जगदीप धनखड़ का मजाक उड़ाते हुए उनकी नकल उतारी। हैरानी की बात यह है कि, जब TMC सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा जगदीप धनखड़ का मजाक उड़ाया जा रहा था तो मौके पर सभी सांसद मजे ले रहे थे। जिनमें राहुल गांधी भी शामिल थे। बल्कि राहुल गांधी ने कल्याण बनर्जी का वीडियो भी शूट किया।

 

संवैधानिक पद का भी ख्याल नहीं रखा?

जगदीप धनखड़ का मजाक उड़ाते समय संवैधानिक पद का भी ख्याल नहीं रखा गया। यह नहीं सोचा गया कि जगदीप धनखड़ राज्यसभा के सभापति के साथ देश के उपराष्ट्रपति भी हैं। संसद परिसर में ये जो कुछ हुआ वो वाकई संसदीय परंपरा के गिरते स्तर का बड़ा नमूना था। शर्मनाक था। लोकतंत्र इसकी इजाजत नहीं देता है। वहीं अपना मजाक बनते देख जगदीप धनखड़ ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। जगदीप धनखड़ बेहद नाराज नजर आए हैं। जगदीप धनखड़ ने इसे शर्मनाक बताया है।

राज्यसभा सदन में जगदीप धनखड़ ने कहा कि, मैंने कुछ देर पहले एक टीवी चैनल पर देखा है... गिरावट की कोई हद नहीं है... एक बड़े (राहुल गाँधी) नेता एक सांसद के असंसदीय व्यवहार का वीडियो बना रहे थे। मैं तो यही कह सकता हूँ सद्बुद्धि आये, कुछ तो सीमा होती होगी, कुछ जगह तो बख्श दो...

 


लोग बोले- ये सड़कों और नुक्कड़ों वाली हरकतें संसद में

TMC सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा जगदीप धनखड़ का मजाक बनाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर देख लोग भी प्रतिक्रिया कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि, सड़कों और नुक्कड़ों वाली हरकतें संसद में होने लगी है और अब उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पदों का भी इस तरह मखौल उड़ाया जाएगा तो बचेगा क्या फिर? किसी ने कहा कि यह ग़लत है लोकतंत्र इसकी इजाजत नहीं देता है.. ये याद रखना चाहिए कि सभापति देश के उपराष्ट्रपति भी हैं। कुछ लोगों ने तो विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और कहा कि, ये देश सम्भालना चाहते थे, लेकिन इन्हें सही जगह भेजा है जनता ने- विपक्ष में,, क्योंकि लोकतंत्र में किसी कुर्सी की इन्हें इज़्ज़त नहीं है, किसी ने कहा कि यदि सत्‍तापक्ष से निपटने का यही तरीका है तो कुछ नहीं होगा। यह माननीय आचरण नहीं।