मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन में सख्त सुरक्षा, प्रत्येक कोच में इमरजेंसी बटन
Tight security on Meerut Metro and Namo
मेरठ। नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो के प्रत्येक स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही यात्रियों के सामान की जांच एक्सरे मशीनों से की जा रही है, जबकि मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
प्रत्येक स्टेशन पर एसएसएफ के जवान मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे हैं। हर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ट्रेन के अंदर भी सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। यदि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी या आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो यात्री कोच में लगे इमरजेंसी बटन को दबाकर तुरंत सूचना दे सकते हैं। सूचना मिलते ही अगले स्टेशन पर टीम द्वारा यात्री को सहायता दी जाएगी।
इमरजेंसी बटन से मिलेगी तत्काल मदद
शताब्दीनगर के असिस्टेंट मैनेजर अलीहसन ने बताया कि उनके प्रत्येक कोच में यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक इमरजेंसी बटन लगाया गया है। यदि किसी को कोई भी समस्या है तो वह उस बटन को दबाएंगे तो यह आपातकाल की सूचना ट्रेन आपरेटर के पास पहुंचेगी। जिसके बाद ट्रेन आपरेटर इसे स्टेशन कंट्रोलर तक पहुंचाएंगे। यात्री को जैसी मदद की जरूरत होगी तो वैसी ही मदद स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही मिलेगी।
इस प्रक्रिया में केवल उतना ही समय जितना ट्रेन को अगले स्टेशन तक पहुंचने में लगेगा। ट्रेन के पहुंचने से पहले मददगार टीम यात्री को स्टेशन पर खड़ी मिलेगी। असिस्टेंट मैनेजर ने बताया कि यदि कोई बीमार होता है तो 102 और 108 एंबुलेंस से संपर्क करके स्टेशन पर बुलाया जाएगा। यदि एंबुलेंस जल्दी नहीं आती है तो एसएसएफ की गाड़ी से मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाएगा.
एसएसएनबी-डीएफएमडी से हो रही चेकिंग
उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल के सहायक सेनानायक राजीव यादव ने बताया कि हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएनबी), डोर फ्रेम मैटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) से यात्रियों को चेक करने के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा है। उनके सामान की बारिकी से जांच हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्टेशन पर एक शिफ्ट में 12 से 15 जवान ड्यूटी कर रहे हैं। दो शिफ्टों में यह जवान ड्यूटी कर रहे हैं।
प्रत्येक स्टेशन पर बनेगा मोर्चा, तैनात होगा राइफलधारी
मेरठ के सभी 13 स्टेशनों पर एक कोने में मोर्चा ड्यूटी बनाया जाएगा। बेगमपुल के स्टेशन पर इस मोर्चा ड्यूटी को बना दिया गया है। जिस पर बोरों में रेत भरकर एक कोने में रख दिया गया है। इसके पीछे एक जवान को खड़ा कर दिया गया। सभी स्टेशनों पर इसकी व्यवस्था की जा रही है। ताकि आपात स्थिति में जवान यात्रियों की सुरक्षा कर सके।
पार्किंग और स्टेशन के आसपास सिविल पुलिस की रहेगी जिम्मेदारी
एसएसएफ के सहायक सेनानायक राजीव यादव ने बताया कि एसएसएफ की जिम्मेदारी स्टेशन और ट्रेन के अंदर की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। बाहर पार्किंग और स्टेशन के आसपास यदि कोई घटना घटती है तो जिला पुलिस कार्रवाई करेगी। ट्रेनों में क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) ड्यूटी करेगी।