उत्तराखंड क्रांति दल ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर तैयार की रणनीति

उत्तराखंड क्रांति दल ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर तैयार की रणनीति

The Uttarakhand Kranti Dal has formulated

The Uttarakhand Kranti Dal has formulated

 रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को चंद्रापुरी-स्यालसौड़ में आयोजित हुई, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि पार्टी प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी।

बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय नेतृत्व ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा सीट पर चार-चार संभावित प्रत्याशियों के नाम चिन्हित किए जा रहे हैं, जिनमें से अंतिम उम्मीदवार का चयन पार्टी नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि पार्टी के प्रति जनता का रुझान तेजी से बढ़ रहा है और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

केंद्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि भले ही पार्टी की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत न हो, लेकिन जनसमर्थन के बल पर यूकेडी आगामी चुनाव में मजबूती से उतरने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में प्रदेश में यूकेडी की सरकार बनने की संभावनाएं प्रबल हैं।

बैठक में प्रदेश की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा की गई। नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य गठन के 26 वर्षों बाद भी मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

बेरोजगारी, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दे अभी भी गंभीर बने हुए हैं। पार्टी ने इन मुद्दों को लेकर “हर घर चर्चा, हर घर पर्चा” अभियान चलाने का निर्णय लिया है, ताकि आम जनता तक अपनी बात पहुंचाई जा सके।

इसके साथ ही जल्द ही प्रदेशभर में रथ यात्रा निकालने की भी योजना बनाई गई है। पार्टी नेताओं ने कहा कि गैर-राजनीतिक संगठनों का भी उन्हें समर्थन मिल रहा है, जिससे संगठन और अधिक मजबूत हो रहा है।

सरकार पर निशाना साधते हुए नेताओं ने कहा कि राज्य आर्थिक रूप से कर्ज में डूबा हुआ है और संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। गैरसैंण को लेकर भी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया।

बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, पुष्पेश त्रिपाठी, डा शक्ति शैल कप्रवाण,चन्द्रशेखर कापड़ी, पूर्ण सिंह कठैत, राकेश सेमवाल, केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंकज ब्यास, कर्नल सुनिल कोटनाला, शान्ति प्रसाद भट्ट, कार्यक्रम संयोजक केन्द्रीय महामंत्री देवेन्द्र चमोली समेत सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। संचालन किरण रावत ने किया।