समाज से भ्रष्टाचार, नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या और निरक्षरता जैसी सामाजिक बुराईयों को ख़त्म करना ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि: हरजोत सिंह बैंस
समाज से भ्रष्टाचार

समाज से भ्रष्टाचार, नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या और निरक्षरता जैसी सामाजिक बुराईयों को ख़त्म करना ही श

समाज से भ्रष्टाचार, नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या और निरक्षरता जैसी सामाजिक बुराईयों को ख़त्म करना ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि: हरजोत सिंह बैंस

चंडीगढ़/लुधियाना, 15 मई:

पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले, खनन और भूविज्ञान, जेलें और कानूनी एवं विधायी मामलों संबंधी विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा है कि देश को अंग्रेज़ों की गुलामी से आज़ाद करवाने वाले शहीदों की याद को हमेशा जीवित रखना और आने वाली पीढिय़ों को अवगत करवाना हरेक देश निवासी का फज़ऱ् बनता है। श्री बैंस आज गुरू नानक देव भवन में महान शहीद सुखदेव जी के जन्म दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उनके साथ सभी विधायक श्रीमती सरवजीत कौर मानूंके, श्री अशोक पराशर पप्पी, श्री कुलवंत सिंह सिद्धू, श्री दलजीत सिंह गरेवाल, श्री मदन लाल बग्गा, श्रीमती रजिन्दरपाल कौर छीना, श्री तरुनप्रीत सिंह सौंद, श्री मनविन्दर सिंह गियासपुरा, श्री जीवन सिंह संगोवाल, श्री हरदीप सिंह मुडियां और श्री हाकम सिंह ठेकेदार आदि उपस्थित थे।

शहीद को फूल मालाएं अर्पित करने के उपरांत श्री बैंस ने कहा कि शहीद सुखदेव जी एक महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने भारत देश को आज़ाद करवाने के लिए स्वतंत्रता संग्राम में अहम रोल अदा किया। उनका जन्म 15 मई, 1907 लुधियाना शहर के नौघरां मुहल्ले में अपने पैतृक घर में हुआ। शहीद सुखदेव जी देश के उन महान योद्धाओं में से एक था, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थीं। उन्होंने अपने बचपन से ही अंग्रेज़ों द्वारा भारतीयों पर किए जाने वाले ज़ुल्मों को आंखों से देखा था, जिस कारण वह आज़ादी के संघर्ष में शामिल हुए और देश को अंग्रेज़ी साम्राज्य से मुक्त करवाने का प्रण लिया। उन्होंने लाला लाजपत राय द्वारा शुरू किए गए नेशनल कॉलेज लाहौर में भी युवाओं को देश आज़ाद करवाने के लिए शिक्षित किया और लाहौर में ‘नौजवान भारत सभा’ बनाई, जोकि अन्य सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ युवाओं को देश को आज़ाद कराने के लिए संघर्ष में कूदने के लिए प्रेरित करती थी।

          श्री बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब श्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार देश के शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को संभालने और उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके बलिदानों के स्वरूप हम आज आज़ादी का गरिमा का आनन्द ले रहे हैं। शहीदों की याद को ताज़ा रखने और आने वाली पीढिय़ों को इस संबंधी अवगत कराने के मकसद से ही पंजाब सरकार द्वारा शहीद सुखदेव जी समेत उन सभी शहीदों की याद में राज्य स्तरीय समारोह करवाए जाते हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया।      

          श्री बैंस ने लोगों से अपील की कि वह समाज से सामाजिक कुरीतियों को बाहर फेंकने के लिए आगे आएं, जोकि देश के लिए शहीद होने वालों के लिए सच्ची श्रद्धाँजलि होगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शहीदों के दिवस इसलिए मनाए जाते हैं, जिससे लोग ख़ासकर नौजवान वर्ग देशभक्ति की भावना ग्रहण कर सकें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार शहीदों के परिवारों की रखवाली और उनके मान-सम्मान को बहाल रखने के लिए प्रतिबद्ध है।       

          इससे पहले कैबिनेट मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने शहीद सुखदेव के पैतृक घर मुहल्ला नौघरां जाकर शहीद सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की और वह प्रबंधक कमेटी द्वारा आयोजित करवाए जा रहे हवन समारोह में भी शामिल हुए। इसके उपरांत श्री हरजोत सिंह बैंस को लुधियाना पुलिस की टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी गुरू नानक देव भवन में दिया गया।

          इस मौके पर डॉ. मंजू मल्होत्रा रिटायर्ड प्रोफ़ैसर पंजाब यूनिवर्सिटी, चण्डीगढ़ द्वारा शहीद सुखदेव जी के जीवन के बारे में बड़े ही विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने शहीद जी के जीवन के बारे में कई नए तथ्य पेश किए। इसके अलावा इशमीत अकादमी के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति के गीत पेश किए गए। इस मौके पर मुख्य मेहमान के तौर पर पहुँचे कैबिनेट मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस का जि़ला प्रशासन द्वारा सम्मान भी किया गया।

          इस मौके पर आप के वरिष्ठ नेता डॉ. के.एन.एस. कंग, श्री अमनदीप सिंह मोही, श्री अहिबाब सिंह गरेवाल, श्री गुरजीत सिंह गिल, श्री दुपिन्दर सिंह, जि़ला प्रधान (शहरी) सुरेश गोयल, जि़ला प्रधान (ग्रामीण) श्री हरभुपिन्दर सिंह धरौड़, डिप्टी कमिश्नर श्रीमती सुरभी मलिक, पुलिस कमिश्नर डॉ. कौशतुभ शर्मा, ए.डी.सी. खन्ना श्री अमरजीत सिंह बैंस, एस.डी.एम. रायकोट श्री गुरबीर सिंह कोहली और एस.डी.एम. लुधियाना पूर्वी श्री गुरसिमरन सिंह ढिल्लों के अलावा अन्य भी उपस्थित थे।