पांचवे दिन कथा के बीच मनाया गया श्री कृष्ण जन्म, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
Lord Krishna's Birth was Celebrated
व्यास श्री महेश माधव शास्त्री ने कृष्ण जन्म के साथ गंगा अवतरण व राम कथा का भी सुंदर वर्णन किया
पलवल। दयाराम वशिष्ठ: Lord Krishna's Birth was Celebrated: बघौला स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में श्रीमद भागवत कथा सप्ताह के पांचवें दिन श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर व्यास महेश माधव शास्त्री जी ने कृष्ण जन्म के साथ-साथ सूर्यवंश की महिमा, गंगा अवतरण और राम कथा का विस्तृत वर्णन किया।

इस भव्य समारोह में मंदिर प्रांगण भव्य सजावट के साथ श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था। कथा सुनने आए भक्तों ने श्रद्धा के साथ श्री कृष्ण के जन्म की कथा का आनंद लिया। व्यास जी ने भगवान राम के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा, "राम जी का जीवन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका आचरण महामानव के गुणों से भरा हुआ है।"

कथा के दौरान पंडित गोबिन्द राम ने श्री कृष्ण जन्म की विशेष झांकी प्रस्तुत की। झांकी में नन्हे बालक कार्तिकेय को कान्हा के रूप में सजाया गया। संगीतमयी भजन के बीच वासुदेव बने चेतन टोकरा में सजे कान्हा को कथा स्थल तक लेकर पहुंचे। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था। महिलाओं ने श्री कृष्ण के रूप में कान्हा के दर्शन कर धन्यता अनुभव की और इस अवसर पर बधाई देते हुए सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। जमकर फूल बरसाए गए। परीक्षित कृष्ण वशिष्ठ ने कान्हा को उपहार दिए। व्यास जी ने कान्हा का फूलों से स्वागत किया।
मंदिर परिसर में बधाई देने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाओं के नृत्य और भक्ति गीतों ने माहौल को और भी उल्लासमय बना दिया। अंत में, इस अद्भुत और भव्य समारोह ने न केवल श्रद्धालुओं के दिलों में भगवान श्री कृष्ण की महिमा को पुनः जीवित किया, बल्कि सभी को एकजुट होकर प्रेम और भक्ति में डूबने का अनोखा अवसर भी प्रदान किया।