पंजाब में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का कमाल: 5,000 से अधिक दिल के मरीजों को मिला 'जीवनदान'
The Triumph of the Chief Minister's Health Scheme in Punjab
अमृतसर, 11 मई - The Triumph of the Chief Minister's Health Scheme in Punjab, मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना सूबा वासियों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नकद-रहित इलाज से पंजाब में 5000 से अधिक दिल के मरीजों की जान बचाई गई है।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के सकारात्मक परिणामों संबंधी जानकारी देते हुए पनसप के चेयरमैन और युवा नेता प्रभबीर सिंह बराड़ ने बताया कि पिछले कुछ महीनों के दौरान स्वास्थ्य योजना के तहत कुल 5,054 दिल संबंधी सर्जरियां की गई हैं। इनमें 5,000 परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए) प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम भी शामिल हैं, जबकि 54 मामलों में पेरिफरल एंजियोप्लास्टी की गई है।
चेयरमैन प्रभबीर सिंह बराड़ ने कहा कि दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में सेकंड-सेकंड कीमती होता है और कुछ मिनटों की देरी जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकती है। पंजाब में अब समय के साथ चल रही यह जंग लगातार जीती जा रही है, क्योंकि भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत तेज और नकद-रहित एंजियोप्लास्टी सेवाएं मरीजों को जरूरत पड़ने पर समय रहते यह आपातकालीन इलाज उपलब्ध करवा रही हैं।
चेयरमैन बराड़ ने कहा कि हार्ट अटैक केवल एक चिकित्सकीय आपातकालीन स्थिति ही नहीं होती बल्कि यह परिवारों पर आर्थिक बोझ भी डालती है। पहले इलाज के लिए पैसों का प्रबंध करने, जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने और अस्पताल से मंजूरी लेने में परिवारों का कीमती समय बर्बाद हो जाता था। अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्ड सिस्टम के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की जांच और आपातकालीन एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया, इलाज से पहले भुगतान में होने वाली देरी के बिना, तेजी से पूरी की जा रही है। यह बदलाव विशेष रूप से ‘गोल्डन आवर’ अर्थात हार्ट अटैक के बाद के पहले 60 मिनटों के दौरान कीमती जानें बचाने में निर्णायक साबित हो रहा है।
चेयरमैन प्रभबीर सिंह बराड़ ने कहा कि इन इलाजों की कुल लागत लगभग 49.6 करोड़ रुपये रही, जिसमें पीटीसीए प्रक्रियाएं संख्या और कुल खर्च दोनों मामलों में सबसे अधिक हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अब अधिक मरीज उन परिस्थितियों से भी बच रहे हैं, जिन्हें पहले लगभग जानलेवा माना जाता था। ऐसे नाजुक समय में स्वास्थ्य कार्ड सिस्टम के कारण इलाज की तेजी ही राज्य की जीवन-रक्षक बन रही है।