बेअदबी विरोधी कानून पर अकालियों को घेरा, जनता के हित में कई बड़ी योजनाओं का किया जिक्र: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

बेअदबी विरोधी कानून पर अकालियों को घेरा, जनता के हित में कई बड़ी योजनाओं का किया जिक्र: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Targeted the Akalis over the anti-sacrilege law and highlighted

Targeted the Akalis over the anti-sacrilege law and highlighted

अकाली बेअदबी विरोधी एक्ट का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें अपने पिछले गुनाहों की कीमत चुकानी पड़ेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

अकालियों ने बेअदबी की साजिश रचने वाली ताकतों के साथ हाथ मिलाया और अब बेअदबी विरोधी एक्ट का विरोध कर रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

जिन नेताओं ने महल बनाए, पंजाब को लूटा और आम लोगों की पहुंच से दूर रहे, उन्हें जनता ने नकार दिया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पंजाब स्कूली शिक्षा में देश का नंबर एक राज्य बनकर उभरा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

एक जुलाई से 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में मिलेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं, नहरी सिंचाई 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत से अधिक की गई: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है, अब तक 650 करोड़ रुपये का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

फरीदकोट, 28 जून: Targeted the Akalis over the anti-sacrilege law and highlighted, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि अकाली बेअदबी विरोधी एक्ट का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें अपने पिछले गुनाहों का हिसाब देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए जिम्मेदार ताकतों के साथ हाथ मिलाया था। फरीदकोट में आयोजित एक "लोक मिलनी" कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक राजनीतिक दलों को पंजाब को लूटने के लिए जिम्मेदार ठहराया।


जनकल्याण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्कूली शिक्षा में पंजाब के देश का अग्रणी राज्य बनने, बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां देने, नहरी सिंचाई को 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत से अधिक करने, एक जुलाई से पात्र महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता शुरू करने तथा "मुख्यमंत्री सेहत योजना" के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया।


जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अकाली बेअदबी विरोधी एक्ट का पूरी तरह विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें अतीत में किए गए गुनाहों की कीमत चुकानी पड़ेगी। अकाली उन राष्ट्रविरोधी ताकतों के साथ मिले हुए थे जिन्होंने पहले बेअदबी की साजिशें रची थीं। अब उन्हें अपने बुरे कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ रहा है, इसलिए वे और उनके समर्थक इस बेअदबी विरोधी एक्ट का विरोध कर रहे हैं। लेकिन इससे मुझे जनता की भलाई के लिए काम करने से कोई नहीं रोक सकता और मैं इसके लिए हरसंभव प्रयास करता रहूंगा।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "मुझसे पहले के मुख्यमंत्री कभी आम लोगों से नहीं मिले क्योंकि वे मौसम देखकर ही अपने आरामदायक घरों से बाहर निकलते थे, जबकि मैं जनता के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध हूं। इन नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग कर अकूत संपत्ति अर्जित की और अवैध रूप से बड़े-बड़े महल बनाए। उनकी आलीशान कोठियों की ऊंची दीवारें थीं और उनके दरवाजे आम जनता के लिए हमेशा बंद रहते थे। वे लोगों की पहुंच से दूर रहे और अंततः जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।"


उन्होंने कहा, "पंजाब की जनता ने उन नेताओं को नकार दिया है जिन्होंने बारी-बारी से राज्य को लूटा। इन नेताओं ने लंबे समय तक लोगों को गुमराह किया, लेकिन अब पंजाब के जागरूक लोग इनके झूठे प्रचार में आने वाले नहीं हैं। इन अहंकारी नेताओं ने हमेशा जनता को हल्के में लिया और अंततः जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया। अब जब जनता उन्हें समर्थन नहीं दे रही, तो वे बौखलाए हुए हैं। इनका एजेंडा हमेशा जनता की भलाई के बजाय केवल अपने परिवारों की भलाई तक सीमित रहा है।"


कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "उन्होंने सत्ता की लालसा में लंबे समय तक जनता को गुमराह किया। इन दलों के पास राज्य की संपत्ति लूटने और आम लोगों का शोषण करने के अलावा कोई एजेंडा नहीं था। पंजाब की जनता सर्वोपरि है और वह राज्य सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है, जिसने उनकी भलाई के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। माजा क्षेत्र का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करने वाले तस्करों ने पंजाब की पीढ़ियों को बर्बाद किया है और आने वाले विधानसभा चुनावों में जनता को उन्हें सबक सिखाना चाहिए।"


मुख्यमंत्री ने कहा, "हम साधारण बिस्कुट खाते हैं, जबकि पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े ये नेता हमेशा अपने पूर्वजों द्वारा तस्करी किए गए सोने के बिस्कुट इस्तेमाल करते रहे हैं। इन नेताओं के पास न कोई विचारधारा है और न ही आम आदमी की सेवा की भावना। वे केवल सत्ता हासिल करने की अंधी दौड़ में लगे हुए हैं। इन शाही नेताओं का आम लोगों से कोई सरोकार नहीं है। उनकी गाड़ियां, ओवरकोट, अलमारियां और जीवनशैली हमारी तरह बिल्कुल नहीं है।"


इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, "सत्ता संभालने के बाद मैंने पंजाब की प्रगति और समृद्धि, विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया। पिछली सरकारों ने सरकारी स्कूलों को केवल मिड-डे मील केंद्र बनाकर छोड़ दिया था, लेकिन आज इन्हें उत्कृष्ट शिक्षा केंद्रों में बदल दिया गया है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और गरीब विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के मिशन पर कार्य कर रही है।"

उन्होंने कहा, “राज्य सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब प्राईमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। सरकार ने प्राईमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाया है, शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है और नीति आयोग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर सबसे आगे निकल गया है।”


मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों तथा स्मार्ट क्लासरूमों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है और आज पंजाब शीर्ष स्थान पर है। पहले केरल प्रथम स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से नंबर एक रैंक हासिल कर ली है। आने वाले वर्षों में भी ऐसे और प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा वह प्रकाश है जो अंधकार को दूर कर संसार को प्रकाशित करता है। इसलिए राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए विशेष जोर दे रही है।”


उन्होंने कहा, “राज्य सरकार का मानना है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से क्यों न हो। हम शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं ताकि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें। शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने और समृद्ध पंजाब के निर्माण का सबसे मजबूत माध्यम है। राज्य सरकार इसे और अधिक मजबूत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”


मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति (एस.सी.) की महिलाओं के लिए 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता संबंधी नोटिफिकेशन मिलने शुरू हो जाएंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी और जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इसके लिए पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।”


इस योजना के व्यापक सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह वित्तीय सहायता भले ही महिलाओं को समृद्ध न बनाए, लेकिन यह उन्हें सम्मान और आत्मसम्मान अवश्य प्रदान करेगी। महिलाएं सर्वोच्च सम्मान की अधिकारिणी हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन का स्रोत हैं। माताओं और बहनों का आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती का सामना करने की शक्ति देता है। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना परिवार के कल्याण में सुधार, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा सामाजिक एवं आर्थिक निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।”


इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं अकाल पुरख का आभारी हूं जिन्होंने मुझे ‘जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026’ पारित करने का अवसर प्रदान किया। जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची। परमात्मा ने मुझे कानूनी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह कानून लाने की बुद्धि और शक्ति प्रदान की है।”


मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार ने इस कानून को बहुत सोच-समझकर तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई भी संशोधन या कमी इसे कमजोर न कर सके। यह कानून भविष्य में ऐसी बेअदबी की घटनाएं करने का प्रयास करने वाले समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और कोई भी व्यक्ति इस घृणित अपराध को अंजाम देने का साहस नहीं कर सकेगा। पहले लोग यह दावा करके सजा से बच जाते थे कि उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था या वे मानसिक रूप से बीमार थे। लेकिन यदि कोई वास्तव में मानसिक रूप से अस्थिर है, तो वह केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ही क्यों निशाना बनाता है? वह किसी रेल इंजन से क्यों नहीं टकराता या बिजली के खुले तारों को क्यों नहीं छूता?”


मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार जनता की सेवा के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। हमने घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई है, युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों का नवीनीकरण किया है, टोल प्लाज़े बंद करके प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत सुनिश्चित की है, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की है, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया है, आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है तथा अनेक अन्य महत्वपूर्ण पहलें की हैं। जब राज्य सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब पंजाब में सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था। आज यह बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। राज्य सरकार गांवों के विकास के लिए अनुदान प्रदान कर निरंतर कार्य कर रही है।”


मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस योजना ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को भी काफी हद तक कम किया है। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इस योजना के अंतर्गत अब तक लोग 650 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार प्राप्त कर चुके हैं।”

इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।