मोगा गोली कांड : हथियार का लाइसेंस लेने के लिए झूठी कहानी घड़ने वाला व्यक्ति अपने दो साथियों सहित गिरफ्तार
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मोगा गोली कांड : हथियार का लाइसेंस लेने के लिए झूठी कहानी घड़ने वाला व्यक्ति अपने दो साथियों सहित गिरफ्तार

मोगा गोली कांड : हथियार का लाइसेंस लेने के लिए झूठी कहानी घड़ने वाला व्यक्ति अपने दो साथियों सहित गिरफ्तार

मोगा गोली कांड : हथियार का लाइसेंस लेने के लिए झूठी कहानी घड़ने वाला व्यक्ति अपने दो साथियों सहित गिर

चंडीगढ़/ मोगा, 22 जूनः

बम्बीहा भाई गांव के रहने वाले व्यक्ति की तरफ से सोमवार प्रातः काल कुछ अज्ञात व्यक्तियों की तरफ से उसके घर पर गोली चलाने की रिपोर्ट की गई गोलीबारी की घटना वास्तव में उक्त व्यक्ति की तरफ से हथियार लाइसेंस लेने के लिए रची गई झूठी कहानी साबित हुई।

मोगा ज़िला पुलिस की तरफ से शिकायतकर्ता तरलोचन सिंह निवासी गाँव बम्बीहा भाई और उसके दो साथियों, जिनकी पहचान कुलविन्दर सिंह उर्फ किन्दा निवासी बरगाड़ी, फरीदकोट और सुखवंत सिंह उर्फ फ़ौजी निवासी गाँव चीदा के तौर पर हुई है, को गिरफ्तार करके गोली कांड की गुत्थी को दो दिनों के अंदर सुलझा लिया है। पुलिस ने ज़िला फरीदकोट के गाँव छन्नियां के रहने वाले जगमीत सिंह उर्फ जगमीता के खि़लाफ़ भी केस दर्ज किया है।

पुलिस ने मुलजिमों के पास से एक .315 बोर का देसी कट्टा/हथियार के साथ दो जिंदा कारतूस, एक .32 बोर का रिवाल्वर समेत सात जिंदा कारतूस, चार मोबाइल फ़ोन और एक पैन ड्राइव बरामद की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को तरलोचन सिंह ने पुलिस को सूचना दी थी कि कुछ दिन पहले उसे वटसऐप काल के द्वारा गैंगस्टरों की तरफ से फिरौती की धमकी दी गई थी और सोमवार की सुबह प्रातः काल 4 बजे के करीब अज्ञात व्यक्तियों की तरफ से उसके घर पर गोलियां भी चलाईं गई थीं।

इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस फरीदकोट पी. के यादव ने बताया कि थाना समालसर में आइपीसी की धाराओं 336, 506 और 34 और हथियार एक्ट की धाराओं 25 और 27 के अंतर्गत एफ. आई. आर. नम्बर 65 तारीख़ 20. 06. 2022 दर्ज की गई है।

उन्होंने और जानकारी देते हुये बताया कि जांच के दौरान जब सी. सी. टी. वी. की फुटेज खंगाली गई तो घटना सम्बन्धी शक पैदा हुआ, जिस वादी तरलोचन सिंह से गहराई से पूछताछ की गई, जिसके बाद तरलोचन ने खुलासा किया कि उसको कुछ दिन पहले एक वटसऐप काल के द्वारा गैंगस्टरों की तरफ से फिरौती की धमकी मिली थी और उसने अपने नाम पर हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था जो कि क्लियर नहीं हुई थी।

उन्होंने कहा कि बाद में तरलोचन ने हथियार लाइसेंस लेने के लिए एक कहानी रच कर ख़ुद ही अपने घर पर गोलियाँ चलाने के लिए हथियार ख़रीदे और सिद्धू मूसेवाला कत्ल कांड के कारण जानबूझ कर मीडिया में गोल्डी बराड़ का नाम लिया।

और जानकारी देते हुये एस. एस. पी मोगा गुलनीत सिंह खुराना ने आगे बताया कि तरलोचन ने अपने दोस्त कुलविन्दर सिंह उर्फ किन्दा निवासी गाँव बरगाड़ी के पास से एक लाइसेंसी .32 बोर का रिवाल्वर और गाँव चीदा के सुखवंत सिंह उर्फ फ़ौजी के पास से . 315 बोर का देसी पिस्तौल लिया था।

ज़िक्रयोग्य है कि सुखवंत सिंह उर्फ फ़ौजी यह हथियार जगमीत सिंह उर्फ जगमीता से लेकर आया था। इस सम्बन्धी आगे जांच जारी है।