Disregarding the Sentiments: जनहित की भावनाओं का तिरस्कार कर पीएम, सीएम बनने में लगे हैं महागठबंधन के नेता : विजय कुमार सिन्हा

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Disregarding the Sentiments: जनहित की भावनाओं का तिरस्कार कर पीएम, सीएम बनने में लगे हैं महागठबंधन के नेता : विजय कुमार सिन्हा

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नेता प्रतिपक्ष ने कहा स्वार्थ, महत्वकांक्षा और अहंकार के कारण बढ़ी प्रशासनिक अराजकता 

मुकेश कुमार सिंह 

पटना (बिहार) : Disregarding the Sentiments: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा गुरुवार को बिहार सरकार पर जम कर बरसे। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए, उन्होंने कहा है कि राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध चरम पर पहुँच गया है। उन्होंने कहा है कि अपनी कमियों को छिपाने के लिए सरकार नए मुद्दे की तलाश में है, जिससे राज्य में वर्ग संघर्ष की स्थिति पैदा की जा सके।

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नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा है कि जनहित की भावनाओं का तिरस्कार कर महागठबंधन के नेता प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनने में लगे हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि दशहरा में सरकार ने राज्य में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध के दावे किए थे लेकिन पिछले 24 घंटे में एक पूर्व मुखिया सहित एक दर्जन लोगों की हत्या कर दी गई। कटिहार और गोपालगंज में दो लोगों की पीट-पीटकर मार डाला गया। कई जगहों पर दुष्कर्म की घटनाएँ, अलग से घटी हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री सिन्हा ने कहा है कि सरकार की मंशा समाजिक तनाव पैदा कर राज्य में नफरत का वातावरण बनाने का है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्वार्थ, महत्वकांक्षा और अहंकार के कारण राज्य में प्रशासनिक अराजकता बढ़ गई है, जिससे भ्रष्टचारियों और अपराधियों का मनोबल काफी बढ़ गया है। 
महागठबंधन की सरकार बनने के बाद ही लोगों के मन में यह आशंका थी कि बिहार फिर से 17 वर्ष पूर्व वाली स्थिति में पहुँच जाएगा और वही आशंका अब सच साबित होने लगी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि जो

सरकार ही भ्रष्टाचारी व्यक्ति के रहमो-करम से चल रहा है, उसमें भ्रष्टाचार और अपराध पर अंकुश लगाने की आशा करना बेमानी है। उन्होंने कहा है कि जो लोग ’ट्रिपल सी’ यानि क्राइम, करप्शन, और कम्युनलिज्म से कभी समझौता नहीं करने का दंभ भरते थे, वही आज ऐसे तत्वों से समझौता कर अपनी महत्वकांक्षा की पूर्ति में लगे हैं। जाहिर सी बात है कि इसे स्वार्थवश ’जनता राज’ बता रहे हैें। लेकिन, बिहार की जनता इसे ’गुंडा राज’ अनुभव कर रही है। मुख्यमंत्री जी इसका जवाब दें कि इसका जिम्मेदार कौन है ?