हरियाणा के लिए गौरव का पल, 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराएगी झज्जर की बेटी
- By Gaurav --
- Sunday, 25 Jan, 2026
A proud moment for Haryana, Jhajjar's daughter will hoist
हरियाणा के झज्जर जिले के कासनी गांव की बेटी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ ने अपने संघर्ष, मेहनत और समर्पण से ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर पूरा देश गर्व कर रहा है। 26 जनवरी 2026 को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अक्षिता को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने का गौरव प्राप्त होगा। यह सम्मान बहुत कम अधिकारियों को मिलता है और यह उनके कर्तव्यनिष्ठा व नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।
देश की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ आज देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं। राष्ट्रपति के साथ तिरंगा फहराने का अवसर केवल उन्हीं अधिकारियों को दिया जाता है, जिन्होंने अनुशासन, समर्पण और सेवा भाव से विशेष पहचान बनाई हो। अक्षिता का चयन यह दर्शाता है कि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं। पूरे देश के लिए गर्व का क्षण जब गणतंत्र दिवस परेड के दौरान राष्ट्रपति के साथ अक्षिता तिरंगा फहराएंगी, वह पल न सिर्फ झज्जर और हरियाणा, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होगा। यह दृश्य आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगा कि मजबूत इरादों और कड़ी मेहनत से हर सपना साकार किया जा सकता है।
कासनी गांव से वायुसेना तक का सफर अक्षिता धनखड़ झज्जर जिले के कासनी गांव की रहने वाली हैं। एक सामान्य परिवार में जन्मी अक्षिता ने बचपन से ही देश सेवा का सपना देखा। पढ़ाई के साथ-साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनने का लक्ष्य तय किया और उसे पाने के लिए अथक मेहनत की, जो आज रंग लाई है। NCC से एयरफोर्स तक का सफर अक्षिता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेज बहादुर खालसा कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। वे नेशनल कैडेट कोर (NCC) की सक्रिय कैडेट रहीं और अपनी मेहनत से कैडेट सर्जेंट मेजर का पद हासिल किया। इसके बाद उन्होंने AFCAT परीक्षा उत्तीर्ण की और जून 2023 में भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त किया।
उनकी लगन और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए जल्द ही उन्हें फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर पदोन्नति मिली। परिवार में खुशी, आंखों में गर्व के आंसू अक्षिता के चयन के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। उनकी दादी सुनहरी देवी ने भावुक होते हुए कहा कि पोती ने पूरे परिवार का नाम रोशन कर दिया है।
उन्होंने बताया कि अक्षिता के पिता का दो महीने पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। यदि वे आज जीवित होते, तो यह उपलब्धि देखकर बेहद खुश होते। चाचा भी वायुसेना में तैनात अक्षिता के चाचा सितेंदर धनखड़, जो स्वयं भारतीय वायुसेना में तैनात हैं, ने कहा कि यह पूरे परिवार और प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। गांव-गांव और गली-मोहल्ले में अक्षिता की चर्चा हो रही है। यह उपलब्धि हर बेटी के लिए प्रेरणास्रोत है।