जोधपुर में जल्द ट्रैक पर दौड़ेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन; स्लीपर कोच मेंटेनेंस डिपो में दो फेस में हो रहा विस्तार

जोधपुर में जल्द ट्रैक पर दौड़ेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन; स्लीपर कोच मेंटेनेंस डिपो में दो फेस में हो रहा विस्तार

First Vande Bharat Sleeper Train in Jodhpur

First Vande Bharat Sleeper Train in Jodhpur

अर्थ प्रकाश आदित्य शर्मा
पंचकूला। First Vande Bharat Sleeper Train in Jodhpur: 
राजस्थान में पहली वन्दे भारत स्लीपर ट्रेन जोधपुर से जल्द रेलवे ट्रैक पर दौड़ती हुई नजर आएगी। वंदे भारत स्लीपर कोच मेंटेनेंस डिपो के विस्तार के लिए रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा 195 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी प्रदान की गई है। इस स्वीकृति से यहां अत्याधुनिक बहुद्देश्यीय वर्कशॉप और विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। डिपो के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के संपूर्ण अनुरक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे रेल परिचालन अधिक सुव्यवस्थित होगा तथा यात्रियों को बेहतर गति, विश्वसनीयता और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। अब तक डिपो में 780 मीटर लबे ट्रैक पर दो फेस में यह मेंटेनेंस ट्रैक जून तक बन कर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

First Vande Bharat Sleeper Train in Jodhpur

रविवार को डिपो में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति का सूचना एवं प्रसारण मंत्रायल की टीम ने अवलोकन किया। 
फिलहाल पहले फेस का 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया हुआ। इसमें तीन पिट लाइने हैं, जिनपर आने वाले दिनों में एक समय में तीन स्लीपर ट्रेनों को मेंटेनेंस हो सकेगी। चौथी और पांचवीं पिट लाइनों पर ट्रेन का व्हील और बैलेंसिंग का काम किया जाएगा। टीम का प्रदेश में दौरे का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति तथा विभिन्न विभागों की बेस्ट प्रेक्टिसेस का अवलोकन एवं प्रचार प्रसार करना है।

First Vande Bharat Sleeper Train in Jodhpur

जोधपुर रेल मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि परियोजना के तहत वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के मेंटेनेंस डिपो के विस्तार के साथ-साथ आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी, जहां वंदे भारत सहित सभी हाई स्पीड ट्रेनों के रखरखाव से जुड़े इंजीनियरों और लोको पायलट एवं सहायक कर्मचारियों को उच्च तकनीक आधारित मशीनरी के संचालन व अनुरक्षण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया ने कि भगत की कोठी वाशिंग लाइन के पास लगभग 167 करोड़ रुपये की लागत से वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। परियोजना के दूसरे चरण में बहुद्देश्यीय, आधुनिक तथा आवासीय ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जाएगा, जिससे देशभर के इंजीनियर और तकनीकी स्टाफ को हाई स्पीड ट्रेनों के लोको पायलट रखरखाव का प्रशिक्षण जोधपुर में ही उपलब्ध हो सकेगा।

ट्रेनिंग सेंटर की इमारत का निर्माण पूर्व निर्मित लोहे की संरचनाओं (प्रिफैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर) के उपयोग से किया जा रहा हैं जिससे तापमान को बरकरार रखने में सहायक होगा और निर्माण कार्य कम समय में पूरा किया जा सकेगा। प्रस्तावित परियोजना में समूचे डिपो और प्रशिक्षण केंद्र क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए 32 केवी के जीएसएस सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं का भी प्रावधान रखा गया है।

इंजीनियरिंग डिपो बनाड़ स्टेशन पर किया गया स्थानांतरित

वंदे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण प्रशिक्षण केंद्र को मेंटेनेंस डिपो के समीप स्थापित करने के उद्देश्य से भगत की कोठी स्थित इंजीनियरिंग डिपो को स्थायी रूप से बनाड़ रेलवे स्टेशन क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया है। इससे वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो सह कार्यशाला का विस्तार लगभग 780 मीटर तक हो जाएगा।

प्रधानमंत्री ने किया था शिलान्यास

भगत की कोठी (जोधपुर) में स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए लगभग 167 करोड़ रुपये की लागत से मेंटेनेंस डिपो के निर्माण कार्य का शिलान्यास प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 16 फरवरी 2024 को किया गया था तथा वर्तमान में इसका निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है।

हाई स्पीड रेल पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा जोधपुर

मेंटेनेंस डिपो और प्रशिक्षण केंद्र में विभिन्न विशेष विभाग स्थापित किए जाएंगे, जो अलग-अलग तकनीकी और परिचालन क्षेत्रों के लिए समर्पित होंगे। इस विकास के साथ जोधपुर देश के हाई स्पीड रेल पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। सर्वोत्तम रखरखाव सुविधाओं, केंद्रीकृत संचालन और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण अवसंरचना का यह संयोजन न केवल क्षेत्र की रेल क्षमताओं को सशक्त बनाएगा, बल्कि भारतीय रेलवे की भविष्य की तैयारियों के लिए नए मानक भी स्थापित करेगा।

मेंटेनेंस सह वर्कशॉप डिपो में विकसित होंगी ये सुविधाएं

  • - इंस्पेक्शन बे लाइन पर कवर्ड शेड का निर्माण
  • - वृहद कवर्ड वर्कशॉप क्षेत्र का विकास
  • - ओएचई सुविधा युक्त पिट लाइन
  • - पिट व्हील अनुरक्षण सुविधाओं का विस्तार
  • - आधुनिक सर्विस बिल्डिंगों का निर्माण