Supreme Court Upholds Regularisation

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 4 हजार से ज्यादा कच्चे कर्मचारी पक्के, 2014 की दो अधिसूचनाएं बरकरार

undefined

Supreme Court Upholds Regularisation

सर्वोच्च न्यायालय ने हरियाणा में संविदा, तदर्थ और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए 16 जून और 18 जून 2014 की अधिसूचनाओं को बरकरार रखा, जबकि 7 जुलाई 2014 की अधिसूचना को मनमाना और अवैध करार दिया।

इन अधिसूचनाओं के तहत 1996 की नीति से बाहर रह गए कर्मचारियों को नियमित करने का प्रावधान था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लगभग चार हजार कर्मचारियों का नियमितीकरण सुरक्षित हो गया है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है और वे स्थायी रूप से अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे।

2014 की नीति के अनुसार 31 दिसंबर 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने का प्रावधान था। विधानसभा चुनाव से पहले लागू इन नीतियों को बाद में बदली सरकार के दौरान हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जहां इन पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे कर्मचारियों के हित में बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित हो गई है और लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हो गई है।