Supreme Court Stays FIR, SIT Probe

रेव पार्टी मामले में हिमाचल के अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, FIR और SIT के आदेश पर रोक

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Supreme Court Stays FIR, SIT Probe

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में कथित रेव पार्टी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को अंतरिम राहत देते हुए हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें डिप्टी कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए गए थे।

हालांकि, शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें कुल्लू के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर अनुराग चंद्र शर्मा और पुलिस अधीक्षक मदन लाल के अन्य जिलों में तबादले का निर्देश दिया गया था।

गौरतलब है कि 24 जून को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कुल्लू में कथित रेव पार्टियों के आयोजन और जिला प्रशासन व आयोजकों के बीच संभावित मिलीभगत के आरोपों का संज्ञान लेते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले, एफआईआर दर्ज करने और डीआईजी स्तर से नीचे के अधिकारी की अध्यक्षता में SIT गठित करने का आदेश दिया था।

सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने अधिकारियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता माधवी दीवान की दलीलें सुनीं। उन्होंने अदालत को बताया कि आयोजन के लिए आवश्यक शराब लाइसेंस मौजूद था और अधिकारियों पर किसी अवैध गतिविधि में शामिल होने का कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना सुनवाई का अवसर दिए अधिकारियों का तबादला किया गया तथा एफआईआर और एसआईटी जांच से उनकी छवि प्रभावित होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों के तबादले के आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकारी अधिकारी सामान्यतः स्थानांतरण का विरोध नहीं कर सकते। हालांकि, अदालत ने अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी गठित करने संबंधी निर्देशों पर फिलहाल रोक लगा दी है।

मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।