सुखबीर सिंह बादल को पेशी से छूट, अगली सुनवाई 15 अप्रैल
Sukhbir Singh Badal Exempted from Personal Appearance
चंडीगढ़, 6 अप्रैल 2026। चंडीगढ़ की जिला अदालत में चल रहे नौ वर्ष पुराने मानहानि मामले में सोमवार को सुनवाई के दौरान पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की ओर से व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी दायर की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
यह अर्जी उनके वकील राजेश कुमार राय के माध्यम से अतरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश की गई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
अर्जी में क्या कहा गया
अर्जी में बताया गया कि 6 अप्रैल को मामले की सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन इसी दिन शिरोमणि अकाली दल की एक बड़ी राजनीतिक रैली बठिंडा के मलोट रोड पर आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न गांवों, शहरों और राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
अर्जी में कहा गया कि:
रैली में सुखबीर सिंह बादल की उपस्थिति बेहद आवश्यक और अनिवार्य है
उनकी अनुपस्थिति में दूर-दराज से आए लोगों को निराश होकर लौटना पड़ सकता है
इससे कार्यक्रम का उद्देश्य प्रभावित होगा
अर्जी के साथ रैली का विज्ञापन भी संलग्न किया गया।
अदालत को दिया आश्वासन
अर्जी में अदालत को आश्वस्त किया गया कि सुखबीर सिंह बादल अगली सुनवाई पर निश्चित रूप से स्वयं उपस्थित होंगे। साथ ही स्पष्ट किया गया कि उनकी अनुपस्थिति जानबूझकर नहीं, बल्कि विशेष परिस्थितियों के कारण है।
अदालत ने इन तथ्यों को रिकॉर्ड पर लेते हुए आरोपी को आज की पेशी से छूट प्रदान कर दी।
अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद सुखबीर सिंह बादल जनवरी 2026 में अदालत में पेश हुए थे।
यह मामला वर्ष 2017 का है, जिसमें मोहाली निवासी और अखंड कीर्तनी जत्था के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह ने जिला अदालत चंडीगढ़ में भारतीय दंड संहिता की धारा 499 के तहत मानहानि की शिकायत दायर की थी।
शिकायत के अनुसार, 4 जनवरी 2017 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजिंदर पाल सिंह के आवास पर जाने के बाद, सुखबीर सिंह बादल ने मीडिया को दिए बयान में अखंड कीर्तनी जत्था को प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का राजनीतिक फ्रंट बताया था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस बयान से उनके संगठन की छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिसके चलते उन्होंने अदालत में मानहानि का मामला दायर किया।