पटना में घरेलू गैस आपूर्ति पर कड़ी निगरानी, सिलिंडर कालाबाजारी पर कार्रवाई
Strict Surveillance on Domestic Gas Supply in Patna
पटना। Strict Surveillance on Domestic Gas Supply in Patna, आम उपभोक्ताओं को घर बैठे सिलिंडर मिल सके, इसलिए शहरी क्षेत्र में सख्त निगरानी की जा रही है। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम प्रतिदिन एलपीजी आपूर्ति, वितरण व पीएनजी कनेक्शन में प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। डीएम ने बताया कि शहरी क्षेत्र में कालाबाजारी, जमाखोरी व अधिक मूल्य लेने पर लगातार कार्रवाई जारी है।
बुधवार को 28 धावादल ने 17 एजेंसी, 40 होटल-रेस्तरां व अन्य जगहों समेत कुल 57 जगहों का निरीक्षण किया। इस क्रम में 11 सिलिंडर जब्त कर एक पर प्राथमिकी कराई गई है। अबतक जिले में 263 एजेंसी, 517 होटल-रेस्तरां, फुटपाथी दुकानदार व घरेलू गैस का दुरुपयोग करने वाले ठिकानों का निरीक्षण किया।
इस क्रम में 132 सिलिंडर जब्त किए गए और 23 लोगों के खिलाफ एस्मा एक्ट के तहत प्राथमिकी कराई गई है। उन्होंने बताया कि आमजन को जिला प्रशासन के इंटरनेट मीडिया व अन्य माध्यमों से तथ्यपरक जानकारी नियमित रूप से पहुंचाई जा रही है। इससे अफवाहों पर लगाम लगी है और अब लोग घबराहट में सिलिंडर बुकिंग नहीं करा रहे हैं।
आपूर्ति व डिलिवरी में विषमता से बढ़ता असंतुलन
गैस कंपनी से एजेंसी को आपूर्ति और फिर ग्राहकों तक डिलिवरी की व्यवस्था बीच-बीच में गड़बड़ाना भी बैकलाग तेजी से कम नहीं होने का कारण है। सात अप्रैल को 23,993 लोगों ने बुकिंग कराई, गैस कंपनियों से औसतन 34 हजार की तुलना में 20 हजार 857 की आपूर्ति की गई पर ग्राहकों के घर तक सिर्फ 15,431 सिलिंडर ही पहुंचाए जा सके।
इसी प्रकार 6 अप्रैल को गैस कंपनियों से पूरे दिन में सिर्फ 6,736 सिलिंडर की आपूर्ति हुई। हालांकि, गैस एजेंसियों ने 33,397 सिलिंडर उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचाया। इसमें उन्होंने पुराना स्टॉक निकाल कर डिलीवरी जारी रखी।
मांग-आपूर्ति में बीच-बीच में इस प्रकार की विषमता लगातार बैकलाग कम करने में सबसे बड़े बाधक साबित हो रहे हैं। रविवार को गैस कंपनियों के बॉटलिंग प्लांट बंद रहते हैं। ऐसे में उस दिन सिलिंडर की आपूर्ति कमोवेश ठप हो जाती है, जबकि बुकिंग जारी रहती है।
अचानक गैस बुक होने के मैसेज से लोग हैरान
घरेलू गैस संकट को देखते हुए गैस कंपनियों ने बुकिंग सिस्टम में बदलाव किया है। अब शहरी उपभोक्ताओं की बुकिंग पहले सिलिंडर की डिलीवरी के 25 तो ग्रामीण 45 दिन बाद ही स्वीकार की जाती है। ऐसे में समय से पहले बुकिंग का प्रयास करने वालों को कतार में रखा जा रहा है।
जैसे ही निर्धारित दिन पूरे होते हैं, ऑर्डर का मैसेज आ जाता है और इसके बाद डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड। कई बार लोग ध्यान नहीं देते और अचानक सिलिंडर घर पहुंचने पर चौंक जा रहे हैं।
| तिथि | बुकिंग | आपूर्ति | डिलिवरी | बैकलाग |
|---|---|---|---|---|
| 1 अप्रैल | 21,584 | 42,168 | 36,462 | 1,42,106 |
| 2 अप्रैल | 52,630 | 28,250 | 24,075 | 1,67,319 |
| 3 अप्रैल | 36,015 | 29,204 | 35,487 | 1,67,583 |
| 4 अप्रैल | 33,459 | 32,600 | 28,747 | 1,71,361 |
| 5 अप्रैल | 29,532 | 34,289 | 29,682 | 1,67,437 |
| 6 अप्रैल | 30,609 | 6,736 | 33,397 | 1,63,412 |
| 7 अप्रैल | 23,993 | 20,847 | 15,431 | 1,69,372 |
| 8 अप्रैल | 29,528 | 28,163 | 34,440 | 1,60,783 |
अप्रैल में आईओसी ने कम की आपूर्ति
राजधानी में चार अप्रैल के बाद से बैकलाग में लगातार कमी आ रही है। आईओसी पर उपभोक्ताओं के अत्यधिक दबाव व रविवार को बाटलिंग प्लांट बंद होने से असर पड़ा है। 4 अप्रैल को राजधानी में बैकलाग अप्रैल के उच्चतर स्तर 1.71 लाख सिलिंडर तक पहुंच गया था। इसके बाद से यह लगातार घट रहा है और बुधवार को यह 160783 हो गया था।
इसके कारण आठ में से तीन दिन बुकिंग से ज्यादा डिलिवरी के कारण हुआ। बताते चलें कि जिले के कुल करीब 16 लाख एलपीजी उपभोक्ताओं में करीब 60 प्रतिशत यानी 9 लाख इंडेन के ही हैं। यही कारण है कि डीएम ने मुख्य सचिव से कह कर मार्च माह में आपूर्ति बढ़वाई थी। उस समय कई दिन तक 30 से 34 हजार सिलिंडर की आपूर्ति हुई थी जो पहले औसतन करीब 20 हजार थी। अप्रैल में पुन: यह 20 हजार औसतन हो गई है।
गेल व तीनों एलपीजी गैस कंपनियों को पूरा प्रशासनिक सहयोग
डीएम ने बताया कि पीएनजी की सुविधा उपलब्ध कराने, आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने, प्रवासी श्रमिकों के हितों के संरक्षण को मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की सुविधा को जनहित में अधिक एक्सेसिबल बनाने को सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
गेल कनेक्शन देने के लिए लगातार कैंप लगा रही है। जिला प्रशासन तेल विपणन कंपनियों आईओसीएल, बीपीसीएल व एचपीसीएल के साथ-साथ गेल को भी सभी प्रशासनिक सहायता उपलब्ध करा रहा है। आमजन किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत होने पर 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर 0612-2219810 पर फाेन कर सकते हैं।
इसके अलावा आइओसीएल के 18002333555, एचपीसीएल के 912222863900 व बीपीसीएल के 912222713000 नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।