आबकारी राजस्व वसूली में पीछे चल रहे जिलों के अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

आबकारी राजस्व वसूली में पीछे चल रहे जिलों के अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

Strict action will be taken against the officers

Strict action will be taken against the officers

लखनऊ। आबकारी राजस्व की वसूली में पीछे चल रहे 10 जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आबकारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने इस संदर्भ में आबकारी आयुक्त डा. आदर्श सिंह को निर्देश जारी दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2005-26 के लिए आबकारी विभाग को 63 हजार करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य दिया है, इसके सापेक्ष फरवरी तक 50,585 करोड रुपये का राजस्व प्राप्त किया जा चुका है।

शनिवार को गन्ना संस्थान, डालीबाग में उच्च अधिकारियों के साथ राजस्व संग्रह व विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी जिला आबकारी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कम राजस्व वसूली वाले कानपुर नगर, आगरा, मेरठ, बिजनौर, लखनऊ, बुलंदशहर, हाथरस, मुरादाबाद, अलीगढ़, बरेली के जिला आबकारी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

आबकारी मंत्री ने शराब एवं भांग की दुकानों के लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए एक हफ्ते का और अतिरिक्त समय देने का भी निर्देश दिया। उन्होंने पड़ोसी राज्यों की अवैध मदिरा के साथ कच्ची, मिलावटी व चोरी की शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने प्रदेश में कहीं पर भी मदिरा की ओवररेटिंग पर तथा औद्योगिक इकाइयों के संचालन में व्यवधान उत्पन्न करने व प्रताड़ित करने की शिकायत पर संबंधित जिला आबकारी अधिकारियों पर सख्त कर्रवाई करने को भी कहा।

वहीं बिजनौर की शराब फैक्ट्री के खिलाफ गैर जिम्मेदारीपूर्ण कार्रवाई पर वहां के जिला आबकारी अधिकारी के कार्यों की जांच कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आबकारी मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष फरवरी माह तक विभाग ने 42,828.57 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया था, इस बार फरवरी माह तक विभाग ने 7,756.36 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व एकत्र किया है।