एसआरएमयू-एपी क्वांटम सुरक्षित संचार परीक्षण केंद्र स्थापित करेगा

एसआरएमयू-एपी क्वांटम सुरक्षित संचार परीक्षण केंद्र स्थापित करेगा

Quantum-Secure Communication Testing Center

Quantum-Secure Communication Testing Center

(अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )

अमरावती : : (आंध्र प्रदेश) मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के निर्देश से राज्य क्वांटम सुरक्षा, साइबर लचीलापन और भविष्य के संचार अवसंरचना पर विशेष ध्यान देते हुए क्वांटम प्रौद्योगिकियों में क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है जब वैश्विक स्तर पर सरकारें, नियामक और वित्तीय संस्थान क्वांटम और एआई के कारण उभरती साइबर सुरक्षा चुनौतियों के प्रति अपनी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं, जो बैंकिंग प्रणालियों, डिजिटल अवसंरचना और रणनीतिक संचार नेटवर्क को प्रभावित कर रही हैं।

इसी दिशा में, 17 मई को विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस के अवसर पर, एसआरएम विश्वविद्यालय-एपी, अमरावती ने टेलीमैटिक्स विकास केंद्र (सी-डीओटी) और अमरावती क्वांटम वैली के सहयोग से संचार एवं साइबर स्पेस में अत्याधुनिक क्वांटम सुरक्षा परीक्षण केंद्र स्थापित करने की पहल की है। यह पहल क्वांटम-सुरक्षित संचार प्रणालियों, साइबर सुरक्षा और अगली पीढ़ी के सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना के निर्माण की दिशा में भारत के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है।

भारत में समर्पित क्वांटम प्रयोगशाला स्थापित करने वाला पहला विश्वविद्यालय होने के नाते, एसआरएम विश्वविद्यालय-एपी, अमरावती ने स्वयं को देश के क्वांटम आंदोलन में अग्रणी स्थान पर स्थापित है। भारत के सबसे प्रभावशाली केंद्रों में से एक के रूप में उभर रहा है।

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग का प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र, सी-डॉट (C-DOT), संचार प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा। यह क्वांटम कुंजी वितरण (QKD) और पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) पर आधारित अत्याधुनिक क्वांटम संचार समाधानों के विकास के माध्यम से भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

क्वांटम संचार एवं सुरक्षा समाधानों के साथ-साथ एआई दूरसंचार नेटवर्क सी-डीओटी के अनुसंधान का समर्थन प्राप्त है। यह क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, सुरक्षित संचार नेटवर्क, वितरित क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर लचीलेपन के क्षेत्र में अनुसंधान, परीक्षण और नवाचार के लिए एक उच्च-प्रभावशाली मंच के रूप में कार्य करेगा। यह पहल राष्ट्रीय क्वांटम मिशन ये अग्रणी प्रौद्योगिकि नवाचार के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में आंध्र की बढ़ती प्रतिष्ठा है।

एसआरएम यूनिवर्सिटी-एपी, अमरावती के कुलपति प्रोफेसर च. सतीश कुमार ने कहा, "आने वाले दशकों में क्वांटम  सुरक्षा और प्रौद्योगिकियों अमरावती क्वांटम वैली के मिशन निदेशक श्री सी.वी. श्रीधर ने कहा, "अमरावती क्वांटम वैली की परिकल्पना भारत की क्वांटम महत्वाकांक्षाओं के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में की गई थी  जो नवाचार का प्रतिनिधित्व करता है।"

विश्वविद्यालय ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री  चंद्रबाबू नायडू के राज्य में उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने में मानव संसाधन विकास, आई टी मंत्री श्री नारा लोकाश के नवाचार-संचालित विकास को बढ़ावा देने  विश्वविद्यालय ने इस ऐतिहासिक पहल को आगे बढ़ाने में डॉ. राज कुमार उपाध्याय के अमूल्य सहयोग को भी स्वीकार किया।

इस सहयोग के माध्यम से, एसआरएम यूनिवर्सिटी-अल और अमरावती क्वांटम वैली क्वांटम नवाचार, साइबर सुरक्षा अनुसंधान आगे बढ़ाने कीसराह करते हैं, जो शक्ति के रूप में उभरने में सहायता मिलती है।