“सदन में नारेबाजी और हंगामा, विधायकों के बीच हाथापाई होते-होते बची”

“सदन में नारेबाजी और हंगामा, विधायकों के बीच हाथापाई होते-होते बची”

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Sloganeering and commotion in the House

Rajasthan Assembly: Sloganeering and commotion in the House, राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को अहम बिलों पर चर्चा की जा रही है. लेकिन इस बीच सदन में भयंकर हंगामा देखने को मिला. जब आसन पर बैठे सभापति संदीम शर्मा और कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा के बीच तल्ख बहस हुई. बताया जा रहा था कि राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक अधिष्ठान संशोधन विधेयक 2026 पर हरिमोहन शर्मा बोल रहे थे. इस दौरान आसान से संदीप शर्मा ने घंटी बजाकर हरिमोहन शर्मा को अपना संबोधन खत्म करने के लिए कहा, इस पर गोविंद डोटासरा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विधायक बिल पर बोल रहे हैं और आप उन्हें बीच में नहीं टोक सकते. इस पर संदीप शर्मा और गोविंद डोटासरा के बीच तल्ख बहस हो गई.

वेल में पहुंच गए पक्ष-विपक्ष के नेता

आसन पर बैठे संदीप शर्मा ने वहीं से खड़े होकर गोविंद डोटासरा को हिदायत दी. इस बीच दोनों पक्षों के बीच गरमा गर्मी बढ़ गई. कांग्रेस के विधायक गोविंद डोटासरा के समर्थन में एकजुट होकर सदन के वेल में आ गए. इस बीच संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने दखल देने की कोशिश की, तो सत्ता पक्ष के भी कुछ विधायक जोगाराम पटेल की सीट तक जाकर उनके समर्थन में खड़े हो गए. सदन के वेल में कांग्रेस के विधायकों की नारेबाजी चलती रही. उधर संदीप शर्मा विधायकों को वापस लौटने के निर्देश देते रहे. लेकिन सत्ता पक्ष के भी कुछ विधायक सदन के वेल में आ गए.

मदन दिलावर और हाकम अली भिड़े

सत्ता पक्ष की तरफ से अविनाश गहलोत, श्रीचंद कृपलानी, हमीर सिंह भायल, मदन दिलावर, कैलाश वर्मा, हेमंत मीणा, रमेश खींची, सुखवंत सिंह, जेठालाल व्यास, फूल सिंह मीणा, गोपीचंद मीणा, हरलाल सहारण, रामविलास डूंगरपुर, ताराचंद सारस्वत समेत अन्य विधायक सदन के वेल में आ गए. इस दौरान मदन दिलावर और हाकम अली में तो हाथापाई होती-होती बच गई. दोनों के बीच तकरीबन आधा एक–डेढ़ फीट का अंतर ही रह गया था. मदन दिलावर ने कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी को बदतमीजी बताया, तो हाकम अली भी उनसे उलझ गए. दोनों के बीच कड़े शब्दों का आदान–प्रदान हुआ.

कांग्रेस की तरफ से गोविंद डोटासरा, नरेंद्र बुडानिया, हरिमोहन शर्मा, दीनदयाल बैरवा, दीपचंद खेरिया, अमित चाचान, प्रशांत शर्मा, सीएल प्रेमी, रीटा चौधरी, भगवाना राम सैनी, राजेंद्र पारीक, रामकेश मीणा, मनीष यादव, डूंगर राम गेदर, अमीन कागजी, हाकम अली, घनश्याम मेहर और अन्य विधायक भी सदन के वेल में नारेबाजी करते रहे.

संदीप शर्मा ने कहा सड़क छाप

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सत्ता पक्ष के विधायकों को वापस अपनी अपनी सीटों पर भेजा. उधर आसन से संदीप शर्मा कहते रहे कि आप लोग सड़क–छाप हो, आप दादागीरी कर रहे हो, आपके हिसाब से सदन नहीं चलेगा. उधर अविनाश गहलोत अपनी सीट पर पहुंचने के बाद बोले, कि यह नाथी का बाड़ा नहीं है, जो आप अपनी मनमर्जी चलाएंगे.

कांग्रेस के विधायकों ने सदन के वेल में से ही पूर्ववर्ती सभापति संदीप शर्मा के बर्ताव और रवैये पर ऐतराज जताया. इस बीच बीजेपी की तरफ से विधायक कैलाश वर्मा को बोलने का मौका मिला तो उन्होंने कहा कि, यह लोग आग्रह के लायक ही नहीं हैं, जो सभापति से ऐसा बर्ताव करते हैं. उनसे क्या बात की जाए? इस बीच अर्जुन लाल जीनगर ने कहा कि आप जो बात कर रहे हैं, जिस तरीके से बात कर रहे हैं, यह बात करने का तरीका नहीं है. सदन में हंगामा चलता रहा और इसी बीच सभापति ने विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी.