शाहजहांपुर में होली जुलूस की सुरक्षा: रेड कार्ड और फोर्स बढ़ाया गया
Security for Holi procession in Shahjahanpur
शाहजहांपुर। होली पर निकलने वाले लाट साहब के जुलूस के लिए न सिर्फ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं बल्कि जिन लोगों पर माहौल को खराब करने की आशंका है उन्हें रेड कार्ड भी जारी किए जा रहे हैं। जिले में अब तक 550 लोगों को रेड कार्ड जारी किया जा चुका है। इसके अलावा साढ़े तीन हजार लोगों को पाबंद भी किया जा चुका है।
जिले में इस बार करीब एक हजार लोगों को रेड कार्ड जारी किए जाएंगे। यह कार्ड ऐसे लोगों को जारी किए जाते हैं जो हिस्ट्रीशीटर, या फिर अन्य तरह के सक्रिय अपराधी होते हैं। कार्ड के रूप में उन्हें चेतावनीं दी जाती है कि यदि किसी तरह के विवाद के पीछे उनका नाम सामने आया तो सख्त कार्रवाई होगी। जिले में 18 जुलूस अलग-अलग तिथियों पर निकाले जाते है।
जिन क्षेत्रों में जुलूस निकाले जाएंगे वहां रेड कार्ड भी जारी किए जा रहे हैं। चौक कोतवाली क्षेत्र से बड़े लाट साहब का जुलूस निकलता है। इस लिए प्रशासन व पुलिस सुरक्षा व्यवस्था इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा जोर दे रही है। इसके अलावा रामचंद्र मिशन क्षेत्र से छोटे लाट साहब का जुलूस निकाला जाता है।
दोनों जुलूस पैरामिलिट्री, पीएसी व स्थानीय पुलिस के सुरक्षा घेरे में निकाले जाएंगे। दो दिन के अंदर बाहर से आने वाला फोर्स भी आमद करना शुरू कर देगा। इसके बाद पैदल मार्च से लेकर अन्य सुरक्षा इंतजाम भी बढ़ा दिए जाएंगे।
गत वर्ष से ज्यादा मांगा गया फोर्स
जिले में गत वर्ष जुलूस के दौरान विवाद भी हुआ था। ऐसे में बड़े लाट साहब के जुलूस के लिए इस बार फोर्स भी ज्यादा मांगा गया है। गत वर्ष 26 इंस्पेक्टर दूसरे जिलों से आए थे। जबकि इस बार यह संख्या बढ़ाकर 30 कर दी गई। गत वर्ष 130 उपनिरीक्षक बाहर से आए थे जबकि इस बार यह संख्या बढ़ाकर 150 पहुंच गई। गत वर्ष हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल 550, होमगार्ड 300 दूसरे जिले से आए थे। जबकि इस बार हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल 600, होमगार्ड 300 आएंगे। इसके अलावा पीएसी गत वर्ष डेढ़ प्लाटून जबकि इस बार दो कंपनी पीएसी और ढाई कंपनी पैरामिलिट्री रहेगी। जबकि गत वर्ष डेढ प्लाटून बाहर से आरएएफ आएगी। क्यूआरटी की तीन टीमें इस बार रहेगी। इसके अलावा एएसपी व छह सीओ भी रहेंगे।
छोटे लाट साहब की सुरक्षा भी बढ़ेगी
गत वर्ष छोटे लाट साहब के जुलूस में 32 इंस्पेक्टर थे। जबकि इस बार 36 की मांग की गई। उपनिरीक्षक गत वर्ष 150 जबकि इस बार 160 कर दी गई।हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल गत वर्ष 435 जबकि इस बार 600 की मांग की गई। होमगार्ड गत वर्ष 200 थे इस बार भी यही संख्या रहेगी।पीएसी गत वर्ष डेढ़ प्लाटून जबकि इस बार दो कंपनी, पैरामिलिट्री डेढ़ कंपनी रहेगी। गत वर्ष भी यही संख्या थी।
अपराधियों को रेड कार्ड जारी किए जा रहे हैं। यदि माहौल को खराब करने का प्रयास किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों की हर गतिविधि पर नजर भी रखी जा रही है।गत वर्ष से इस बार सुरक्षा कर्मियों की संख्या को भी बढ़ाया गया है।- राजेश द्विवेदी, एसपी