Congress did walkout: कानून व्यवस्था पर सदन में हंगामा, कांग्रेस ने किया वाकआउट
Congress did walkout: कानून व्यवस्था पर सदन में हंगामा

Congress did walkout: कानून व्यवस्था पर सदन में हंगामा, कांग्रेस ने किया वाकआउट

Congress did walkout: कानून व्यवस्था पर सदन में हंगामा, कांग्रेस ने किया वाकआउट

गृहमंत्री ने आकंडों के जरिये विपक्ष को घेरा
कुंडू बोले, यूपी की योगी मूड में करना होगा काम 
अभय चौटाला ने गृह मंत्री के आंकड़े को दिखाया आइना, बोले आंकड़ों की बजाय कानून व्यवस्था को सुधारने का कर करें काम 
विधायकों के धमकी देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने पर सदन में विधायकों ने खड़े होकर पुलिस को दी शाबासी 
कांग्रेस ने कानून व्यवस्था के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सभी 18 विधायकों को न बोलने देने का जताया विरोध 

चंडीगढ़। Congress did walkout: हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। विधायकों को धमकी देने और बिगड़ती कानून व्यवस्था से संबंधित ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सदन में खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए समय बढ़ाने की मांग की, जिससे विधानसभा अध्यक्ष ने सिरे से खारिज कर दिया। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में नामित सभी 18 विधायकों को बोलने का मौका न मिलने के विरोध में कांग्रेस ने वाकआउट किया। 

सोमवार दोपहर दो बजे हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र की शुरूआत हुई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शोक प्रस्ताव पढ़े और सदन में दिवंगतों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। प्रश्नकाल के दौरान कार्यवाही सुचारू रूप से चली। मगर जब ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा की बारी आई तो विपक्ष ने इसे स्थगन प्रस्ताव में बदलने और सभी नामित 18 विधायकों को अपनी बात रखने की मांग की, इसे विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने अस्वीकार कर दिया। इसके विरोध में कांग्रेस ने वाकआउट किया। यही नहीं प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था के मसले पर बेरी से कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने गृह मंत्री से इस्तीफा मांगा और कहा कि जन प्रतिनिधियों को धमकी मिलना लोकतंत्र के लिए खतरा है। 

गृह मंत्री अनिल विज ने विधायकों को धमकी देने और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चर्चा के दौरान जबाव देते हुए आंकड़ों के जरिये विपक्ष को घेरा। गृह मंत्री ने कांग्रेस और भाजपा कार्यकाल के समय में कानून व्यवस्था की तुलना करते हुए आंकड़े सदन पटल पर रखे। गृह मंत्री ने एक-एक अपराध के आंकड़े सदन में गिनाए। गृहमंत्री के आंकड़ों को सुनकर विपक्ष ने जबाव मांगा कि कागजों की बजाय धरातल पर कार्रवाई का ब्योरा दें। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच खूब गहमागहमी भी हुई। 

Congress did walkout: हरियाणा में बढ़ रहा अपराध चिंता का विषय 

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए। प्रदेश से सरकार से बेरोजगारी की समस्या को दूर करने की मांग की। कुंडू ने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि आम आदमी तो दूर पुलिस के बड़े अफसर और जनता के वोट से चुनकर आने वाले जनप्रतिनिधि तक भी सुरक्षित नहीं हैं। प्रदेश के आधा दर्जन विधायकों को धमकियां मिलना गंभीर मसला है, जो जनप्रतिनिधि कानून-व्यवस्था कायम करने के लिए नीतियां बनाते हैं वे ही सुरक्षित नहीं होंगे तो वे लोग प्रदेश का क्या भला करेंगे और जनता-जनार्दन इनसे क्या ही उम्मीद करेगी ? यह एक बड़ा गंभीर सवाल है।

Congress did walkout: अभय ने गृहमंत्री के आंकड़ों को दिखाया आइना 

ऐलनाबाद से इनेलो विधायक अभय चौटाला ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अनिल विज द्वारा सदन में पेश किए गए आंकड़ों को आइना दिखाया। अभय ने कहा कि विधायकों को धमकियां मिलना बेहद संवेदनशील मामला है जिस पर कांग्रेस के जितने भी विधायकों को धमकी मिली थी उन सभी विधायकों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र पंवार ने तो डर और भय के कारण इस्तीफे की भी पेशकश की थी और वो प्रदेश छोड़ कर जाना चाहते थे।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और रंगदारी मांगने से प्रदेश के व्यापारियों में डर का माहौल बना हुआ है। प्रदेश में 241 मोस्ट वांटेड अपराधी हैं। प्रदेश में अवैध हथियारों की सप्लाई बढ़ी है। वर्ष 2018-20 में 6788 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। अभय ने यह भी आरोप लगाया कि गुरुग्राम, पानीपत व करनाल में हथियारों के लाइसेंस बनाने में बड़ा खेल हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का दिवालिया पिटा हुआ है। प्रदेश में हर रोज तीन हत्याएं, चार बलात्कार और तीन गैंगरेप होते हैं। पिछले आठ सालों में बलात्कार के मामलों में 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आईपीसी की धारा के तहत 2018 में 108212 मामले दर्ज हुए जो 2021 में बढक़र 112677 हो गए। 

Congress did walkout: एनआईटी विधायक ने बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गृह मंत्री से मांगा जवाब 

एनआईटी फरीदाबाद से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और विधायकों को धमकी मिलने के मामले में गृह मंत्री से जवाब मांगा। नीरज शर्मा ने सवाल किया हरियाणा में ही विधायकों को धमकी क्यों मिली, यह जांच का विषय है, क्योंकि यहां कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है। विधायक नीरज शर्मा ने कहा कि गृह मंत्री द्वारा आकंडे दिए गए की 90 विधायको की सुरक्षा में 811 लोग तैनात है, इस पर विधायक ने कि 19 लोगों के लिए 615 सुरक्षा कर्मचारी और बाकि 71 के लिए 196 सुरक्षा कर्मचारी क्यों।

Congress did walkout: प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित  

गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति शान्तिपूर्ण और नियंत्रण में है। कानून और व्यवस्था के सभी मुद्दों को हरियाणा पुलिस द्वारा प्रभावी ढंग से और कानून अनुसार निपटाया गया है। इसके अलावा, विधायकों को जबरन वसूली के कॉल व धमकी मिलने की सूचना के उपरांत विधायकों को व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मी प्रदान किए गए, सुरक्षाकर्मियों के लिए वीवीआईपी सुरक्षा बारे रिफ्रेसर कोर्स का आयोजन किया गया और विधायकों के सुरक्षाकर्मियों को एके 47 जैसे उन्नत हथियार भी प्रदान किए गए। उन्होंने बताया कि विधायकों को धमकी देने के मामले में गिरफ्तार किए आरोपियों के तार आतंकवादी संगठनों व पाकिस्तान से भी जुड़े हुए हैं, जिसकी जांच अभी जारी है। गृह मंत्री ने बताया कि कुलदीप वत्स से सम्बन्धित घटनाओं के सम्बन्ध में दो प्रकरण दर्ज किए गए हैं, एक पटौदी और एक झज्जर में। फिलहाल दोनों मामलों की जांच चल रही है। कुछ लोगों ने कथित तौर पर मामन खान विधायक फिरोजपुर झिरका को धमकी दी थी, इस सम्बन्ध में पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।

Congress did walkout: पुलिस को सदन में दी गई शाबासी 

गृह मंत्री अनिल विज ने विधायकों को धमकी देने के मामले में पुलिस द्वारा किए गए सराहनीय कार्य पर सदन में शाबासी देने के लिए का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि हम विभाग के लोगों का सजा के तौर पर ट्रांसफर या सस्पेंड करते है। अच्छा काम करने पर इन्हें इनाम भी दिया जाना चाहिए। इसी कड़ी में हमने 30 इनामों को रखा है जिसके तहत 10 मुख्यमंत्री, 10 गृहमंत्री और 10 डीजीपी मेडल दिए जाएंगे और ऐसे पुलिसकर्मियों को 21000 की राशि और 6 महीने का सेवा भी विस्तार दिया जाएगा। सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने खड़े होकर पुलिस कार्रवाई की सराहना की।