जन्मभूमि का ऋण चुकाना ही सच्ची देशभक्ति: योगी आदित्यनाथ
- By Gaurav --
- Saturday, 30 May, 2026
Repaying One’s Debt
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा है कि जन्मभूमि के ऋण से मुक्त होना ही सच्ची देशभक्ति है। उन्होंने मऊ जिले के ताजोपुर गांव में ग्रामीण सैनिक अस्पताल के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने सेना और विभिन्न संस्थानों में वर्षों तक सेवाएं देने वाले Brigadier Dr. P. N. Singh की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने गांव लौटकर अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज, आईटीआई और सैनिक पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों की स्थापना कर पूरे देश के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि लंका विजय के बाद जब लक्ष्मण ने स्वर्णमयी लंका की समृद्धि का वर्णन किया था, तब भगवान श्रीराम ने कहा था— “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।” उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन यही है कि व्यक्ति चाहे कितना भी बड़ा क्यों न बन जाए, उसकी जन्मभूमि और मातृभूमि से बढ़कर कुछ नहीं होता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिगेडियर पी.एन. सिंह ने इस आदर्श को अपने जीवन में उतारा है। गांव लौटकर उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के ऐसे केंद्र स्थापित किए हैं, जो ग्रामीण भारत के लिए विकास का आदर्श मॉडल बन चुके हैं।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उनका ब्रिगेडियर पी.एन. सिंह से लगभग 15-16 वर्षों का परिचय है और वे लंबे समय से उनके समाजसेवा और राष्ट्रसेवा से जुड़े कार्यों के बारे में सुनते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज इन कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से देखकर उन्हें अत्यंत संतोष हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये संस्थान केवल इमारतें नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभ हैं। इनसे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित हो रहा है।