ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी राहत की तैयारी: घर की दुकान में घरेलू बिजली इस्तेमाल करने पर नहीं होगी 'चोरी' की FIR!

ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी राहत की तैयारी: घर की दुकान में घरेलू बिजली इस्तेमाल करने पर नहीं होगी 'चोरी' की FIR!

Relief in the Works for Rural Consumers

Relief in the Works for Rural Consumers

लखनऊ। ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू कनेक्शन वाली बिजली का ही घर में बनी दुकान में इस्तेमाल करने की सशर्त अनुमति मिल सकती है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस संबंध में विद्युत नियामक आय़ोग के साथ ही राज्य सरकार से मांग की है।

परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि दो किलोवाट तक 200 यूनिट बिजली खर्च करने वाले संबंधित उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पूर्व में पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने आयोग को सुझाव दिया था, लेकिन उसे अब तक लागू नहीं किया गया है।

गांव में लगभग 15 से 20 लाख ऐसे घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं जिनके द्वारा आजीविका के लिए घर के ही एक हिस्से में किराना आदि की दुकान संचालित की जा रही है।

दुकान में बिजली का व्यावसायिक कनेक्शन न लेकर घरेलू बिजली का ही इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई करते हुए विभाग द्वारा घरेलू कनेक्शन को वाणिज्यिक में परिवर्तित करन के साथ ही बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।

परिषद अध्यक्ष का कहना है कि निम्न आय वर्ग के ग्रामीणों द्वारा ही चूंकि छोटी सी दुकान घर में चलाई जाती है इसलिए नियमों में शिथिलता बरतते हुए उन्हें राहत दी जाए।

इस संबंध में उनके प्रस्ताव पर वर्ष 2019 में नियामक आयोग द्वारा मांगे गए जवाब पर कारपोरेशन प्रबंधन ने सुझाव दिया था कि दो किलोवाट के 200 यूनिट तक खपत वाले ग्रामीण उपभोक्ताओं को कुछ शर्तों के साथ घरेलू श्रेणी में रखा जा सकता है लेकिन अब तक इस पर निर्णय नहीं हो सका है।

वर्मा ने बताया कि बिजली दर संबंधी प्रस्ताव पर इनदिनों हो रही जन सुनवाई में वह लगातार इसकी मांग कर रहे हैं। उनकी राज्य सरकार से भी मांग है कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए आयोग को निर्देश दे।