हरियाणा का राखीगढ़ी बनेगा वैश्विक पर्यटन केंद्र, केंद्रीय बजट में विशेष प्रावधान
- By Gaurav --
- Monday, 02 Feb, 2026
Rakhigarhi in Haryana to become global tourism hub, special provision in
हरियाणा के हिसार जिले में स्थित सिंधु घाटी सभ्यता का प्रमुख केंद्र राखीगढ़ी अब वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों के विकास के लिए केंद्रीय बजट में विशेष प्रावधान किया है, जिसमें राखीगढ़ी को भी शामिल किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले बजट में राखीगढ़ी को वैश्विक धरोहर केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। अब नए बजट में इसके पर्यटन विकास को और गति देने की तैयारी है।
मोहनजोदड़ो के बाद सबसे बड़ा सिंधु घाटी स्थल
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा की गई खुदाई में यह सामने आया है कि राखीगढ़ी, मोहनजोदड़ो के बाद सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल है। यहां से मिले निष्कर्षों ने देश-विदेश के पुरातत्वविदों और इतिहासकारों को बेहद उत्साहित किया है।
वरिष्ठ पुरातत्वविदों का मानना है कि राखीगढ़ी कोई साधारण हड़प्पा स्थल नहीं, बल्कि भारत का सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है। इसका क्षेत्रफल करीब 224 हेक्टेयर है, जो इसे देश का सबसे बड़ा हड़प्पाकालीन स्थल बनाता है।
हड़प्पा और मोहनजोदड़ो के समकक्ष राखीगढ़ी
आकार, आयाम, रणनीतिक स्थिति और बस्ती की संरचना के लिहाज से राखीगढ़ी को हड़प्पा और मोहनजोदड़ो के बराबर माना जा रहा है। यहां सिंधु घाटी सभ्यता के तीनों चरण—प्रारंभिक, परिपक्व और उत्तरकालीन—के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं, जो इसे ऐतिहासिक रूप से और भी खास बनाते हैं।
6 हजार साल पुरानी सभ्यता के प्रमाण
राखीगढ़ी में करीब 6 हजार वर्ष पुरानी हड़प्पाकालीन सभ्यता के प्रमाण मिल चुके हैं। खुदाई के दौरान यहां से
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50 से अधिक मानव कंकाल,
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महिलाओं के गहने,
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प्राचीन लिपि,
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और अत्याधुनिक जल निकासी प्रणाली के अवशेष मिले हैं।
यह स्थल योजनाबद्ध नगर व्यवस्था, पक्की सड़कों, रिहायशी मकानों, रसोई, स्नानघर और अनाज भंडारण प्रणाली के लिए जाना जाता है।
कहां स्थित है राखीगढ़ी?
राखीगढ़ी दिल्ली से लगभग 130 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर दिशा में, हरियाणा की नारनौंद तहसील में स्थित है। यह स्थल विलुप्त सरस्वती-दृषद्वती नदी के किनारे बसा हुआ था। धौलावीरा (गुजरात) के बाद यह हड़प्पा सभ्यता का एक विशाल और अहम केंद्र माना जाता है।
विश्व धरोहर के रूप में पहचान
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को देखते हुए राखीगढ़ी को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता मिल चुकी है। अब सरकार इसे वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित कर भारत की प्राचीन सभ्यता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में काम कर रही है।