हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ अभियोजन मंजूरी, अब चंडीगढ़ की सीबीआई कोर्ट में चलेगा केस
Prosecution sanctioned against Harcharan Singh Bhullar
चंडीगढ़। रिश्वतकांड में गिरफ्तार पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने के लिए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने सीबीआई को अभियोजन मंजूरी दे दी है। अब यह मामला चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में चलेगा। मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को निर्धारित की गई है।
भुल्लर आइपीएस अधिकारी हैं, इसलिए उनके खिलाफ केस चलाने के लिए सीबीआई को केंद्र सरकार से प्रॉसिक्यूशन सैंक्शन की आवश्यकता थी। मंगलवार को सीबीआई ने गृह मंत्रालय से प्राप्त अभियोजन स्वीकृति आदेश अदालत में पेश कर दिए।
सीबीआई ने इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की है, जिसमें नए सबूतों और अतिरिक्त गवाहों को शामिल किया गया है। इससे एजेंसी ने केस को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं। इससे एक दिन पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भुल्लर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिससे उन्हें बड़ा झटका लगा था।
गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद
सीबीआई ने भुल्लर और उनके कथित बिचौलिये कृष्णु शारदा को 16 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया था। कृष्णु शारदा को भुल्लर का करीबी बताया गया है और वह राष्ट्रीय स्तर का हॉकी खिलाड़ी रह चुका है। गिरफ्तारी के बाद से दोनों न्यायिक हिरासत में हैं।
दोनों पर मंडी गोबिंदगढ़ के कारोबारी आकाश बत्ता से आठ लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। शिकायतकर्ता के अनुसार, एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर रिश्वत और मासिक वसूली की मांग की जा रही थी। परेशान होकर उन्होंने सीबीआई से संपर्क किया, जिसके बाद कार्रवाई हुई।
घर से करोड़ों की बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित भुल्लर के आवास पर छापेमारी की थी। वहां से लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये नकद और करीब ढाई किलो सोना बरामद हुआ था। इसके अलावा महंगी घड़ियां, शराब और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए।
सीबीआई ने इस मामले में आय से अधिक संपत्ति का अलग से मामला भी दर्ज किया है।