Private employee posted in the Tehsildar office caught red-handed taking a bribe of 10 thousand

तहसीलदार कार्यालय में तैनात प्राइवेट कर्मचारी 10 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

caught red-handed

Private employee posted in the Tehsildar office caught red-handed taking a bribe of 10 thousand

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की बड़ौत तहसील से भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत एक प्राइवेट कर्मचारी को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई। आरोपी के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।

 शिकायत मिलने पर हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई एक किसान की शिकायत के आधार पर की गई। जिवाना गांव निवासी सोनू ने एंटी करप्शन विभाग मेरठ में शिकायत दर्ज कराई थी। सोनू का आरोप था कि उसने करीब तीन वर्ष पहले पिछोकरा गांव में चार बीघा कृषि भूमि खरीदी थी, लेकिन अब तक उसकी जमीन का दाखिल-खारिज नहीं हो पाया।

पीड़ित किसान का कहना है कि वह पिछले काफी समय से दाखिल-खारिज के लिए बड़ौत तहसील के चक्कर काट रहा था, लेकिन हर बार उसे टाल दिया जाता था।

 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग

शिकायतकर्ता के अनुसार, तहसीलदार के पेशकार के रूप में कार्यरत प्राइवेट कर्मचारी प्रमोद कुमार ने दाखिल-खारिज कराने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। आरोपी ने किसान को शुक्रवार को तहसील आने के लिए बुलाया और तय किया कि वहीं पैसे दिए जाएं।

 योजना बनाकर रंगेहाथ पकड़ा

किसान ने रिश्वत देने के बजाय पूरे मामले की जानकारी एंटी करप्शन विभाग मेरठ को दी। शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरी योजना बनाई। तय योजना के तहत शुक्रवार को तहसील परिसर स्थित कैंटीन में जैसे ही किसान ने आरोपी प्रमोद कुमार को रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने मौके पर ही उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली। कार्रवाई के दौरान तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

 एक अन्य कर्मी के फरार होने की सूचना

कार्रवाई के समय एक अन्य तहसील कर्मी के मौके से फरार होने की भी सूचना सामने आई है। एंटी करप्शन टीम इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इस मामले में अन्य कर्मचारी भी शामिल तो नहीं थे।

 पूछताछ और जांच जारी

एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश

इस कार्रवाई को प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम माना जा रहा है। एंटी करप्शन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी सरकारी या अर्द्ध-सरकारी कार्यालय में रिश्वत की मांग की जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।