डिजिटल फ्रॉड पर मिलेगा 25000 रुपये का मुआवजा, सस्ता होगा MSME लोन

डिजिटल फ्रॉड पर मिलेगा 25000 रुपये का मुआवजा, सस्ता होगा MSME लोन

Rbi Monetary Policy 2026

Rbi Monetary Policy 2026

मुंबई: Rbi Monetary Policy 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को अपनी द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजों का ऐलान किया. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही बनाए रखने का फैसला किया. वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं और घरेलू आर्थिक हालात को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है.

रेपो रेट में कोई बदलाव न होने का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा. होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वालों की मासिक किस्तें यानी EMI फिलहाल न तो बढ़ेंगी और न ही घटेंगी. इससे कर्ज लेने वालों को राहत मिली है.

डिजिटल धोखाधड़ी पर ग्राहकों को मिलेगा मुआवजा

आरबीआई ने बैंकिंग ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर कुछ अहम प्रस्ताव रखे हैं. गवर्नर ने बताया कि छोटे मूल्य के अनधिकृत डिजिटल लेनदेन में नुकसान होने पर ग्राहकों को 25 हजार रुपये तक का मुआवजा देने की व्यवस्था पर काम किया जाएगा. इससे ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में ग्राहकों को राहत मिलेगी.

इसके अलावा, बैंकों द्वारा गलत तरीके से उत्पाद बेचने (मिस-सेलिंग) और रिकवरी एजेंटों की बदसलूकी को रोकने के लिए सख्त नियम लाने की बात कही गई है. डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित बनाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा जांच (ऑथेंटिकेशन) जैसे उपाय भी लागू किए जा सकते हैं.

MSME और रियल एस्टेट सेक्टर को राहत

छोटे कारोबारियों के लिए भी आरबीआई ने बड़ा कदम उठाया है. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए बिना गारंटी वाले लोन की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया है. इससे छोटे उद्योगों को आसानी से कर्ज मिलेगा और उनका कारोबार बढ़ सकेगा.

रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) को लोन देने की अनुमति देने का भी फैसला किया गया है. इससे इस सेक्टर में निवेश बढ़ने की उम्मीद है.

सहकारी बैंकों के लिए ‘मिशन सक्षम’

शहरी सहकारी बैंकों को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए ‘मिशन सक्षम’ शुरू किया जाएगा. इसके तहत करीब 1.4 लाख कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि बैंकिंग सेवाओं में सुधार हो सके. इसके अलावा, 1000 करोड़ रुपये से कम संपत्ति वाली और बिना सार्वजनिक धन वाली कुछ NBFCs को पंजीकरण की अनिवार्यता से छूट देने का प्रस्ताव भी रखा गया है.

विकास और महंगाई का अनुमान

आरबीआई ने देश की अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताते हुए अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.9 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 7 प्रतिशत रहने का अनुमान दिया है. वहीं, चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर 2.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान जताया गया है.