प्रदीप हत्याकांड: मामूली बहस में दोस्त की हत्या के दोषी को उम्रकैद
Pradeep Murder Case
2021 में इंडस्ट्रियल एरिया में लोहे की रोड से हमला कर उतरा था मौत के घाट
अर्थ प्रकाश संवाददाता
पंचकूला। Pradeep Murder Case: अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विजयंत सहगल की अदालत ने 5 वर्ष पुराने प्रदीप हत्याकांड के कथित दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी सोहनपाल उर्फ मुच्छड़ को अपने ही साथी की बेरहमी से हत्या करने के जुर्म में अदालत ने 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उसे 6 महीने की अतिरिक्त कठोर कैद काटनी होगी। दायर मामले में पंचकूला पुलिस टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और मौके से बरामद लोहे की पाइप जैसे महत्वपूर्ण सबूतों को अदालत के समक्ष मजबूती से रखा। पुलिस ने पुख्ता जांच सुनिश्चित की ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। 30 सितंबर 2021 से लगातार।
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हत्या की यह वारदात 29 सितंबर 2021 की रात को घटित हुई, जब शराब के दौर के बीच शुरू हुई एक छोटी सी बहस ने खूनी अंत का रूप ले लिया था। पुलिस जांच के अनुसार, दोषी सोहनपाल और मृतक प्रदीप पंचकूला के फेज-1 स्थित प्लॉट नंबर 120 की छत पर एक साथ शराब पी रहे थे। इसी दौरान प्रदीप ने शिकायत की कि सोहनपाल ने उसे कम शराब पिलाई है। इस तुच्छ बात पर शुरू हुई कहासुनी हाथापाई में बदल गई। आवेश में आकर प्रदीप ने सोहनपाल को लात मारी और पास पड़ी लोहे की पाइप उठाकर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, सोहनपाल ने फुर्ती दिखाते हुए पाइप छीन ली और गुस्से में प्रदीप के सिर पर कई वार किए। चोट इतनी गंभीर थी कि प्रदीप ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात के बाद सेक्टर-19 पुलिस चौकी में तैनात तत्कालीन एएसआई राममेहर सिंह ने मौके पर पहुंचकर खून से लथपथ शव बरामद किया था और आरोपी सोहनपाल को गिरफ्तार कर लिया। पंचकूला के सैक्टर-20 थाना में आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2021 में दर्ज इस मामले में हमारी टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और मौके से बरामद लोहे की पाइप जैसे महत्वपूर्ण सबूतों को अदालत के समक्ष मजबूती से रखा। पुलिस ने पुख्ता जांच सुनिश्चित की ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। 30 सितंबर 2021 से लगातार चली इस कानूनी प्रक्रिया का परिणाम आज दोषी को मिली उम्रकैद के रूप में सामने आया है। यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देता है कि हिंसा और अपराध का अंजाम केवल जेल की सलाखें ही हैं।